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20 मार्च 2026 का दैनिक पंचांग: द्वितीया तिथि, रेवती नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल
20 मार्च 2026 का दैनिक पंचांग जानें। द्वितीया तिथि, रेवती नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, ग्रह स्थिति और आज के शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी हिंदी में।
Panchang 20 March 2026 (Image Credit-Social Media)
श्री गणेशाय नमः 🕉️
⚜️🌞 दैनिक पंचांग 🌙⚜️
✡️⚡ 20 मार्च 2026 ⚡✡️
🔱 New Delhi, India 🔱
20 मार्च 2026, शुक्रवार का यह पंचांग शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को दर्शाता है, जो अगले दिन प्रातः 02:33 बजे तक रहेगी। इस दिन मूलसंज्ञक रेवती नक्षत्र अगले दिन प्रातः 02:28 बजे तक रहेगा और इसी दिन से पंचक समाप्त माना गया है। करण के रूप में इस दिन भद्रा नहीं है; बालव करण दोपहर 03:46 बजे तक रहेगा, उसके बाद कौलव करण अगले दिन 02:33 बजे तक रहेगा। योग ‘ब्रह्म’ रात्रि 10:14 बजे तक रहेगा और वार शुक्रवार है, जो सामान्यतः लक्ष्मी तथा सौम्यता से संबंधित माना जाता है।
सूर्य और चन्द्र से संबंधित गणनाओं के अनुसार सूर्योदय प्रातः 06:25 बजे तथा सूर्यास्त सायं 06:32 बजे होगा। चन्द्रोदय प्रातः 06:56 बजे तथा चन्द्रास्त रात्रि 08:03 बजे होगा। इस दिन चन्द्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा और ऋतु वसंत है, जो नवजीवन, सृजन और उन्नति का प्रतीक मानी जाती है। हिन्दू मास एवं वर्ष की गणना के अनुसार शक संवत 1948 (पराभव), कलि संवत 5127 तथा विक्रम संवत 2083 चल रहा है। मास अमांत और पूर्णिमांत दोनों ही गणनाओं में चैत्र मास है। दिन काल लगभग 12 घंटे 06 मिनट का रहेगा।
शुभ और अशुभ समय की दृष्टि से इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04:47 से 12:53:13 तक रहेगा, जो सामान्यतः सर्वकार्य सिद्धि के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं अशुभ समयों में दुष्टमुहूर्त प्रातः 08:51 से 09:39 तक, कंटक काल दोपहर 01:41 से 02:30 तक, यमघण्ट सायं 04:55 से 05:43 तक रहेगा। राहु काल पूर्वाह्न 10:58 से 12:29 तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए वर्जित माना जाता है। कुलिक काल प्रातः 08:51 से 09:39 तक, कालवेला या अर्द्धयाम 03:18 से 04:06 तक, यमगण्ड 03:30 से 05:01 तक तथा गुलिक काल 07:56 से 09:27 तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, अतः इस दिशा की यात्रा से बचना या आवश्यक होने पर उपाय करना उचित माना जाता है।
चन्द्रबल और ताराबल के अनुसार अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र वालों के लिए ताराबल अनुकूल रहेगा। वहीं वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन राशि वालों को चन्द्रबल प्राप्त होगा, जिससे उनके कार्यों में स्थिरता और मनोबल बना रहेगा।
मार्च 2026 के विभिन्न संस्कारों के मुहूर्तों की बात करें तो विवाह के लिए 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन खरमास होने के कारण कोई शुभ मुहूर्त नहीं है, विवाह 19 अप्रैल से पुनः प्रारंभ होंगे। मुंडन के लिए 25 और 27 तारीख, नामकरण के लिए 20, 23, 25, 27, अन्नप्राशन के लिए 20, 25, 27, कर्णवेध के लिए 20, 21, 25, 27, 28, विद्यारम्भ के लिए 23, 25, 27, उपनयन (जनेऊ) के लिए 20, 21, 27, 28, 29, वाहन खरीद के लिए 23 और 27 तथा प्रॉपर्टी खरीद के लिए 27 और 28 तारीखें उपयुक्त मानी गई हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग 20, 23, 25, 26, 27 को तथा अमृत सिद्धि योग 20 को है। पंचक इस दिन नहीं है, जबकि भद्रा 22, 25 और 28 को रहेगी।
लग्न तालिका के अनुसार सूर्योदय के समय मीन लग्न (द्विस्वाभाव) 06:14 से 07:38 तक रहेगा, इसके बाद मेष (चर) 07:38 से 09:14 तक, वृषभ (स्थिर) 09:14 से 11:10 तक, मिथुन (द्विस्वाभाव) 11:10 से 01:25 तक, कर्क (चर) 01:25 से 03:46 तक, सिंह (स्थिर) 03:46 से 06:03 तक, कन्या (द्विस्वाभाव) 06:03 से 08:20 तक, तुला (चर) 08:20 से 10:40 तक, वृश्चिक (स्थिर) 10:40 से अगले दिन 00:59 तक, धनु (द्विस्वाभाव) 00:59 से 03:03 तक, मकर (चर) 03:03 से 04:46 तक और कुम्भ (स्थिर) 04:46 से 06:14 तक रहेगा।
ग्रह स्थिति (निरायण) के अनुसार लग्न कुम्भ 25°06′, सूर्य मीन 5°11′, चन्द्र मीन 17°49′, बुध कुम्भ 14°19′, शुक्र मीन 22°39′, मंगल कुम्भ 19°30′, बृहस्पति मिथुन 20°59′, शनि मीन 9°55′, राहु कुम्भ 13°53′ और केतु सिंह 13°53′ पर स्थित हैं। यूरेनस वृषभ 4°04′, नेपच्यून मीन 7°32′ तथा प्लूटो मकर 10°46′ पर स्थित हैं। सायन (Tropical) गणना में ग्रहों की डिग्रियाँ अलग रूप से दी गई हैं, जिनमें सूर्य लगभग 359°, चन्द्र 12°, बुध 338°, शुक्र 16°, मंगल 343° आदि पर स्थित हैं। अयनांश लाहिरी (चित्रपक्ष) लगभग 24°14′ है।
यह पंचांग पूर्णतः जानकारी और अनुभव आधारित है। इसके प्रयोग के लाभ या हानि के लिए साधक स्वयं उत्तरदायी होगा; लेखक या प्रसारक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।


