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नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 , चैत्र रामनवमी (नवरात्रि) तथा नूतन संवत् वार्षिक राशिफल
Vikram Samvat 2083: नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 के अवसर पर चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के साथ सभी 12 राशियों का वार्षिक राशिफल जानिए। ज्योतिषाचार्य देवेंद्र भट्ट के अनुसार ग्रहों की स्थिति का वर्ष भर पर क्या प्रभाव रहेगा।
Vikram Samvat 2083 (Image Credit-Social Media)
Vikram Samvat 2083: हिंदी पंचांग से नव संवत्सर का प्रारंभ चैत्र मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से माना जाता है।.?इस वर्ष , राजा गुरु ,मंत्री मंगल, ग्रीष्म उपज स्वामी शुक्र, रक्षा का उत्तरदायित्व चंद्रमा, धन का स्वामी गुरु, पदार्थ का स्वामी रवि, शरद उपज का स्वामी बुध ,भूमिगत खनिज पदार्थ का स्वामी गुरु, शाक एवं वर्षा स्वामी चंद्रमा तथा रोहिणी निवास समुद्र तट में है। राजा गुरु के होने से पृथ्वी पर उत्तम वर्षा होगी उत्पादन में बढ़ोतरी होने वाली होगी तथा धर्म में आस्था रखने वाले के घर मंगल उत्सव होंगे । मंत्री मंगल है तो अपराध बढ़ेंगे तथा संक्रामक रोगों से जनता को पीड़ा पहुंचेगी ! सस्येष् शुक्र है जिसके परिणाम स्वरूप उत्तम वर्षा गेहूं ,धान , नागर मोथा इत्यादि का उत्पादन अधिक होगा तथा वृक्षों में फल–पुष्प के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। वर्षा का स्वामी इस वर्ष चंद्रमा होने के कारण अत्यधिक वर्षा से पृथ्वी पर हरियाली रहेगी ,व्यापार में बढ़ोतरी होगी , उपभोग पदार्थ की खपत बढ़ेगी , विदेशी व्यापार स्वदेश के पक्ष में होगा रस प्राप्त होने वाले पदार्थों के दाम बढ़ेंगे |
रामनवमी अर्थात दुर्गा नवमी
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से इसका प्रारंभ होता है! इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा निर्धारण में कुछ तथ्यों को ध्यान में रखना होगा , कारण की चैत्र अमावस्या 19 मार्च को प्रातः काल 6:40 पर समाप्त हो जाएगा। पुनः 19 मार्च को दिन में प्रतिपदा का भोग रहेगा जो अगले दिन 20 मार्च को प्रातः काल में 5:25 पर पूर्ण होगा तत्पश्चात 20 मार्च दिन शुक्रवार को नवरात्रि द्वितीय दिन 21 मार्च को सूर्योदय के पूर्व 3:45 तक भोग करेगी, अर्थात नवरात्रि प्रतिपदा तिथि का क्षय हो रहा है। मार्कंडेय पुराण के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की तिथि क्षय होने एवं सूर्योदय युक्त प्रतिपदा दोनों दिन समान रूप से मिलने अथवा ना मिलने की स्थिति में पूर्व का दिन ग्रहण किया जाना चाहिए। इससे प्रतीत होता है की चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च दिन गुरुवार को माना जाना चाहिए । दुर्गा महा अष्टमी का व्रत 26 मार्च दिन गुरुवार को है । परंतु अष्टमी की महानिशा की पूजा 25 एवं 26 की मध्य रात्रि को किया जाएगा | 27 मार्च दिन शुक्रवार को दोपहर 12:02 तक नवमी की तिथि है। अतः नवमी का हवन इत्यादि इसके पूर्व कर लें । पूर्वी उत्तर प्रदेश में तथा उत्तरी बिहार में विशेष रूप से नवमी के ब्रह्म मुहूर्त में माता शीतला का पूजन किया जाता है जिसे 26 और 27 की मध्य रात्रि को किया जाना चाहिए ।
हिंदी पंचांग से नव संवत्सर के अवसर पर वार्षिक राशिफल दिया जाता है~
मेष राशिफल—
यह संवत मेष राशि के लिए साढ़े साती के प्रभाव में रहेगा जिस कारण मानसिक उतार-चढ़ाव कार्य क्षेत्र में चुनौती पूर्ण स्थिति व्यापारिक वर्ग के लिए उलझन भरा होगा ,परंतु अथक प्रयास और लगन से किए गए कार्य में अंतिम रूप से सफलता प्राप्त होगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए व्यस्तता बढ़ेगी। परंतु मजदूर एवं श्रमिक वर्ग के लिए समय उत्तम है | माता-पिता का स्वास्थ्य चिंतनीय रहेगा निज दाम्पत्य में भी मतभेद संभव है। परंतु संतान पक्ष से सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। किसी विशिष्ट व्यक्ति की सहायता केरियर की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहेगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन होगा । वर्ष के प्रथम ,तृतीय, सप्तम और एकादश मास कष्टप्रद हैं।
वृष राशिफल—
वृष राशि वालों का यह वर्ष मध्यम रहेगा। व्यापारिक वर्ग के व्यापार क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। व्यापारी वर्ग को सलाह दी जाती है कि अपने व्यापार प्रसार हेतु ऋण लेने में हिचक न करें इसके दूरगामी लाभकारी प्रभाव होंगे ! नौकरी पेशा वालों के लिए बाधा रहेगी। नौकरी में विरोधी सफल होंगे । सामाजिक तालमेल बनाकर चलें क्योंकि उच्च पद पर आसीन विशिष्ट व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।
मिथुन राशि—
मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नति दायक होगा। सामाजिक क्षेत्र में नए लोगों से संपर्क लाभकारी होगा । स्वास्थ्य संबंधी समस्या रहेगी विशेष कर हड्डियों एवं उदर रोग से परेशानी रहेगी। आर्थिक क्षेत्र में किए गए प्रयास सफल होंगे। नई अचल संपत्ति के बनाए जाने का योग उत्तम है। ऋण के लेनदेन में सावधानी बरतें। दिया हुआ धन फंस भी सकता है। संयुक्त परिवार में है तो परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। वैसे भी परिवार में स्थिति सौहार्द पूर्ण रहेगी। कार्यक्षेत्र में चुनौती के कारण मानसिक एवं शारीरिक व्यस्तता रहेगी। परंतु आप अपने बौद्धिक सूझबूझ से समस्याओं से निकल आएंगे। विद्यार्थियों एवं बेरोजगारों के लिए यह वर्ष श्रम प्रधान रहेगा। अविवाहित वर एवं कन्या को दांपत्य का सुख प्राप्त होगा। वर्ष का प्रथम ,पांचवा, नवं व 11वां मास कष्ट दाई होगा ।
कर्क राशि—
यह वर्ष कर्क राशि वालों के लिए उत्तम रहेगा। नवीन ऊर्जा के साथ कार्य क्षेत्र में बढ़ी हुई क्षमता का अनुभव करेंगे। राजनैतिक क्षेत्र में जातकों पर मिथ्या आरोप लग सकते हैं। आर्थिक मंदी का व्यापार- धंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। धन के लेनदेन में सचेत रहें। पूर्व के रुके हुए कार्य सफल होंगे। किसानों के लाभ बढ़ेंगे, वहीं नौकरी पैसे वालों के लिए भी उन्नति उत्थान का समय है। दांपत्य जीवन सुखमय एवं सौहार्दपूर्ण होगा। पुरानी पारिवारिक उलझने समाप्त होगी। किसी खास मित्र से धोखा मिलने की संभावना है। विदेश संबंधी कार्य में प्रगति संभव है। मिथ्या अपवादों से मुक्ति मिलेगी। वर्ष का चौथा ,आठवां, दसवां एवं 12वां कष्टदायक होगा।
सिंह राशि—
सिंह राशि वालों पर शनि की ढैया चल रही है। गोचर के अनुसार सिंह राशि वालों का संघर्ष पूर्ण वर्ष रहेगा। कार्य में विविध प्रकार से रुकावट आएगी। सामाजिक संपर्क में मन नहीं रहेगा। उदर एवं हड्डी की बीमारी से ग्रसित रह सकते हैं। संपत्ति के क्रय विक्रय में धन का अप व्यय होगा॥ व्यापारियों के लिए यह वर्ष उतार चढ़ाव वाला रहेगा। नए जोखिम भरे निवेश से दूर रहें। शेयर लॉटरी सट्टा इत्यादि में नुकसान होगा। नौकरी पेशा वालों का स्थानांतरण संभव है, विरोधी प्रबल होंगे। पारिवारिक फसलों में सहमति से कार्य करें। जहां तक संभव हो विवाद से बचने का प्रयास करें। वर्ष का तीसरा ,सातवां, नवम एवं 11वां महीना कष्टकारि होगा।
कन्या राशि—
कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा। नए अवसर प्राप्त होंगे। जिससे प्रगति की संभावना बढेगी। सरकारी कामकाज एवं पुराने मुकदमों में जीत की प्रबल संभावना है। परिवार व मित्रजनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। सुदूर यात्रा का योग है। स्वास्थ्य के लिहाज से परिस्थिति प्रतिकूल दिख रही है ,यद्यपि कार्य व्यापार में बाधाएं कम होगी। परंतु जोखिम भरे लेन-देन में सावधानी बरतें। संतान सुख प्राप्त होगा एवं संतान की उन्नति होगी। दांपत्य जीवन में सुख बढ़ेगा। माता-पिता का स्वास्थ्य चिंतानीय रहेगा।प्रलोभन से बचे रहें अन्यथा किसी ठगी के शिकार हो सकते हैं। मकान– वाहन के क्रय– विक्रय का योग है। मांगलिक् कार्य संपन्न होंगे। उच्च रक्तचाप से सचेत रहें। दूसरा, छठवा, सतवा, आठवा, एवं दसवें माह यह कष्टदायक दिख रहा हैं।
तुला राशि—
तुला राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। आत्मविश्वास में कमी महसूस होगी। रक्त से संबंधित कष्ट भी संभव है। मानसिक तनाव से बचें। घरेलू समस्याओं को लेकर परेशानियां बढ़ सकती हैं। अध्यापक, लेखक, पत्रकार एवं अन्य बुद्धिजीवियों का महत्व समाज में बढ़ेगा। विद्यार्थियों हेतु यह समय मध्यम है। धन संपत्ति के मामले में सुधार की संभावना है। वणिक वर्ग के लिए उत्तम लाभ का संकेत है। कार्यक्षेत्र में कुछ उतार-चढ़ाव के बाद स्थिति में सुधार होगा। गुप्त शत्रुओं से सचेत रहें। संतान से शुभ समाचार की प्राप्ति संभव है। इस वर्ष विद्यार्थियों को अधिक परिश्रम करना होगा॥ वर्ष का एक, 5 वां, 7 वां और नवां मास कष्टदाई है।
वृश्चिक राशि—
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह वर्ष मिश्रित प्रभाव वाला होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा । जमा पूंजी धन का विस्तार होगा परंतु धन के लेनदेन में सचेत रहें। वाहन संबंधी योजना बनेगी। स्वास्थ्य संबंधी कष्ट में कमी होगी। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत रहें। पैतृक संपत्ति के संबंध में यदि कुटुंब में कोई वाद विवाद है तो उसके बढ़ने की संभावना है । आजीविका क्षेत्र में संलग्न व्यक्ति अधिक सतर्क रहें। व्यवसाय में स्थिति सामान्य रहेगी । पर्यटन का योग बनेगा। नौकरी पेशा लोगों की व्यस्तता बढ़ेगी। विक्रय क्षेत्र से जुड़े लोगों की प्रगति होगी। अविवाहितों हेतु अनुकूल संबंध मिलेगा। अर्थात दांपत्य का सुख प्राप्त हो सकता है। पिता व पुत्र में मतभेद संभव है। अतः संयम से काम लें।न्यायालय कार्यों में सफलता मिलेगी। वर्ष का पहला, चौथा, छठा, आठवां और 12वां मास कष्टदाई दिख रहा है।
धनु राशि—
धनु राशि वालों के लिए शनि की ढैया चल रही है अतः यह वर्ष उत्तम नहीं है।कोई भी निर्णय स्वयं की सूझबूझ से लें। परिवार के सदस्यों से मतभेद ना रखें। विवाद की स्थिति में संयम ना खोयें। व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। रत्न आभूषण एवं रेशमी वस्त्र के कारोबार में सुधार होगा। जालसाजी से सचेत रहें। जमीन जायदाद संबंधी कार्यों में कष्ट मिलेगा। स्वास्थ्य के संबंध में चिंता बनी रहेगी। आय बराबर बनी रहेगी। परंतु व्यय भी उसी अनुपात में होता रहेगा। अपव्यय पर नियंत्रण रखें। भूमि , मकान, वाहन के क्रय विक्रय का योग बनेगा। कार्य क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता होगी। वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य संबंधित समस्या रहेगी। वर्ष के तीन, पांच, सात व 11 वाँ मास कष्टदाई है।
मकर राशि—
मकर राशि हेतु यह वर्ष उन्नति दायक रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से हालांकि कुछ कष्ट दिख रहा है। पित्त संबंधी उदर की स्वास्थ्य की बड़ी आएगी। आर्थिक क्षेत्र में किए गए प्रयासों में सफलता प्राप्त होगी। लंबित बाधित धन की प्राप्ति होगी। नवीन संपत्ति इत्यादि लाभप्रद रहेगा । नौकरी करने वालों को सुझाव है कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर रखे। विद्यार्थी अध्ययन से विरक्त रहेंगे। औषधि कार्य से जुड़े हुए लोगों को यह समय अच्छा रहेगा। जल्दी अथवा गलत निर्णय हानिप्रद होता है। मित्रों तथा संबंधियों से सहयोग की प्राप्ति होगी। दांपत्य जीवन में संयम के साथ व्यवहार रखें।संतान की उत्पत्ति की योग बनेंगे। वैवाहिक कार्य संपन्न होंगे। वर्ष का एक, दो, चार ,छह व दसवां मास कष्टदाई है।
कुंभ राशि—
कुंभ राशि वालों को शनि की साढ़े साती का प्रभाव रहेगा। मानसिक कष्ट, निरर्थक दौड़ धूप, कलह तथा कार्यों में बघाएं आएंगे। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगी रहेगी।धन संपत्ति विवाद संभव है। स्वास्थ्य में हड्डियों से संबंधित समस्या हो सकती है।क्रय विक्रय सावधानीपूर्वक करें हानि संभव है। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय ना लें। ईष्ट मित्रों के सहयोग से रुका हुआ कार्य बन सकता है। सरकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को संघर्ष करना पड़ेगा। दांपत्य जीवन में कष्ट होंगे। वर्ष के उत्तरार्ध में उत्साह का संचार होगा। व्यापारियों को अच्छा लाभ प्राप्त होगा। नौकरी पेशा लोगों को सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। माता-पिता, आपके सहयोग से किसी तीर्थ स्थल की यात्रा करेंगे। घर परिवार में मंगलिक कार्य संपन्न होंगे। वर्ष के एक, तीन, पांच, व नवा मास कष्टदाई दिख रहा है।
मीन राशि—
मीन राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव रहेगा।आकस्मिक रूप से परिवार में कुछ समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। सूझबूझ के साथ इस समस्या का समाधान निकालें। व्यापारियों को आर्थिक रूप से हानि होगी।मानसिक तनाव की स्थिति नौकरी पेशा वर्ग के लोगों के ऊपर दिख रही है। आध्यात्मिक एवं धार्मिक दृष्टि से यह वर्ष आपके लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। समाज में सम्मान मिलेगा। पुरानी रंजीश से सचेत रहें। महिलाओं हेतु लाभ की विशेष स्थितियां बनेगी। विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता कम मिलने की संभावना है। राजनीतिक लोगों और उनके समर्थकों पर यह वर्ष चुनौती पूर्ण रहेगा। पति पत्नी के बीच असामान्यता रहेगी। संतान सुख प्राप्त होगा एवं संतान की उन्नति के योग है। माता-पिता का स्वास्थ्य सुधरेगा । अनावश्यक अपव्यय से जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है। ठगों से सचेत रहें। आर्थिक हानि संभव है। संपत्ति विवाद में सचेत रहें। विदेश यात्रा संभव है। वर्ष का 2, 4, 8 व 12 वाँ मास कष्ट कारी है।
इस वर्ष नव संवत्सर के प्रारंभिक दिवस, जो चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा का प्रथम दिवस माना जाता है, को लेकर कुछ भ्रांतियां थी जिसे दूर किया गया है। इसके साथ ही चूंकि हमारे नव संवत्सर का प्रारंभ विक्रम संवत से होता है। अतः व्यक्तियों के लिए राशिफल का महत्व इसी नव संवत्सर से संबंधित होता है। वैसे राशिफल के आधार पर प्रत्येक जातक का भविष्यफल सटीक बताना उचित नहीं। राशिफल एक स्थूल विद्या है , प्रत्येक व्यक्ति के लग्न, नवांश, योग, दशा महादशा , अलग अलग होते हैं। सो व्यक्तिगत कुंडली सर्वोपरि है। अगले लेख में भारत देश इसके राजनीतिक भविष्य ,आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों , विश्व के देश के आपसी तनाव के बीच हमारे राष्ट्र की भूमिका तथा कुछ प्रसिद्ध राजनेताओं के भविष्य पर विचार विमर्श के साथ पुनः शीघ्र आगामी लेख में लिखूंगा।
( लेखक धर्म, आध्यात्म व ज्योतिष के प्रकांड विद्वान हैं।)


