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'खान सर' के कोचिंग.हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन मिला!
'खान सर' के कोचिंग संस्थान पर दो जून को हुई फायरिंग को लेकर खान सर पर मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब अग्निशमन विभाग भी सेफ्टी रूल्स का हवाला देकर बिल्डिंग का
khan sir coaching center fire safety audit
Khan Sir Coaching Center and Hospital Fire Safety Audit: 'खान सर' उर्फ फैजल खान के कोचिंग सेंटर के बाहर 2 जून को हुई फायरिंग और हंगामे को लेकर खान सर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। देश के बहुचर्चित कोचिंग संचालक खान सर शिक्षा के साथ अस्पताल बनाकर भी लोगों की जरूरी सुविधाएं आसान करने में लगे थे। लेकिन दो जून को कोचिंग सेंटर पर हुई फायरिंग में खान सर के दो सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार कर जे भेजे जा चुके हैं। वहीं खान सर की तलाश में भी छापेमारी की जा रही है।
इसी बीच खबर है कि अब उनके कोचिंग संस्थान और अस्पताल पर दमकल विभाग की ओर से फायर सेफ्टी रूल्स की जांच की जा रही है। पटना में दमकल विभाग ने रविवार को अचानक खान ग्लोबल स्टडीज जो कि फैजल खान उर्फ खान सर के द्वारा चलाया जा रहा है उस पर फायर सेफ्टी ऑडिट किया। यह जांच ऐसे मौके पर हुई है जब उनके कोचिंग संस्थान पर फायरिंग और पत्थरवाजी की घटना सामने आई। हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी जिससे फायर सेफ्टी रूल्स को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन इसी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट में भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल की।
संस्थान में कई सेफ्टी नियमों का गंभीर उल्लंघन!
अग्निशमन विभाग ने संस्थान में देखा कि आग से बचाव के लिए संस्थान में क्या इंतजाम हैं, इमर्जेंसी एग्जिट है कि नहीं, नियमों के अनुसार एनओसी है कि नहीं और पाया कि संस्थान में कई सेफ्टी नियमों का गंभीर रूप से उल्लंघन किया गया है।
15 जून तक की डेडलाइन तय
बिहार फायर सर्विसेज के कमांडेंट रीतेश कुमार पांडे ने मीडिया को बताया कि विभाग ने इससे पहले 25 मई कोे संस्थान का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में सामने आया था कि 5 मंजिल की बिल्डिंग है जो कि 4000 स्क्वाॅयर मीटर में फैली है। इस बिल्डिंग की हाइट 18 मीटर है जो कि फायर सर्विसेज एक्ट के तहत सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती। अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में संस्थान को आधिकारिक नोटिस 31 मई को जारी किया गया था। नोटिस में नियमों का पालन करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। टीम ने अब फिर से डेडलाइन से पहले पहुंच कर देखा कि जो सुझाव दिए गए थे उस पर काम हो रहा है या नहीं।
बिल्डिंग में क्या कमियां मिलीं?
- अधिकारियों के अनुसार, 5 मंजिल की बिल्डिंग है जिसमें एक ही जीना है और इस जीने की चैड़ाई बताए गए मानक से काफी कम है।
- बिल्डिंग में कोई ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम नहीं है।
- बिल्डिंग के एरिया के हिसाब से अंडरग्राउंड वाॅटर टैंक जिसकी क्षमता 1’5 लाख लीटर हो और एक पम्प हाउस भी हो जो नहीं मिला।
शर्तें पूरी न होने पर हो सकती है कार्रवाई
विभाग ने साफतौर पर कहा है कि अभी संस्थान के पास 7 दिन हैं नियमों को पूरा करने के लिए, इसके बाद भी संस्थान यदि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करता तो इसके बाद फिर चेतावनी दी जाएगी, क्योंकि यहां हजारों छात्र पढ़ने आते हैं। कोई हादसा न हो इसके लिए नियमों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। यानी कार्रवाई करने से भी विभाग परहेज नहीं करेगा।


