Financial Rules Change: जून से बदल गए पैसों से ये जुड़े 5 नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

Financial Rules Change: जून के साथ कई नए वित्तीय नियम लागू हो गए हैं। टैक्स, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड और शेयर बाजार से जुड़े बदलाव आम लोगों की जेब और लेन-देन को प्रभावित करेंगे।

Akriti Pandey
Published on: 31 May 2026 2:28 PM IST
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Financial Rules Change: जैसा कि आप देखते आ रहे हैं हर महीने की शुरुआत के साथ आम लोगों की आर्थिक जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव देखने को मिलता है। यह बदलाव सीधे तौर पर आपके बजट, बचत, टैक्स और डिजिटल लेन-देन को प्रभावित करते हैं। जून का महीना भी कई बड़े बदलाव लेकर आया है, जो नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, निवेशकों और डिजिटल पेमेंट यूजर्स सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

एडवांस टैक्स की पहली किस्त की डेडलाइन (Advance Tax Deadline)

टैक्स देने वाले लोगों के लिए 15 जून 2026 एक अहम तारीख है। जिन करदाताओं की अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त इसी तारीख तक जमा करनी होगी। इस चरण में कुल टैक्स का कम से कम 15 प्रतिशत भुगतान करना जरूरी है। यह पहली बार है जब यह किस्त नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत जमा की जाएगी। समय पर भुगतान न करने पर हर महीने 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।

ओल्ड टैक्स रिजीम में राहत (Tax Rules 2026)

पुरानी टैक्स ( New Tax Rules) व्यवस्था चुनने वाले वेतनभोगियों के लिए कुछ राहत की खबरें हैं। हॉस्टल भत्ते पर टैक्स छूट की सीमा अब बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। वहीं, बच्चों की शिक्षा भत्ते की सीमा भी बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह कर दी गई है। इसके अलावा, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों को अब 50 प्रतिशत HRA छूट श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे इन शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों को टैक्स में फायदा मिलेगा।

यूपीआई और डिजिटल पेमेंट में सुरक्षा बढ़ी (UPI New Features)

डिजिटल भुगतान प्रणाली में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नया फीचर (UPI New Features) शुरू किया है। अब जब कोई व्यक्ति क्यूआर कोड स्कैन करेगा या मोबाइल नंबर से पैसे भेजेगा, तो सामने वाले का बैंक में दर्ज सत्यापित नाम दिखाई देगा। इससे ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) भी यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा पर काम कर रहा है, जिससे भविष्य में लोगों को तुरंत अपने फंड तक पहुंच मिल सकेगी।

क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर बढ़ेगा बोझ (Credit Card Charges)

क्रेडिट कार्ड उपयोग करने वालों के लिए यह महीना थोड़ा महंगा साबित हो सकता है। कई बैंकों ने अपने नियमों में बदलाव (Credit Card Charges) किए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने यूटिलिटी बिल, ईंधन और किराया भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की सीमा तय कर दी है। अब किराया और शिक्षा भुगतान पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगेगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपने को-ब्रांडेड कार्ड पर ब्याज दर बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत प्रति माह कर दी है, जो 23 जून से लागू होगी। वहीं आईसीआईसीआई बैंक 18 जून से अमेजन पे क्रेडिट कार्ड पर किराया भुगतान पर मिलने वाला 1 प्रतिशत रिवॉर्ड बंद कर रहा है। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक ने 25 जून से नए SMS अलर्ट नियम लागू किए हैं, जिसके तहत केवल 100 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान और 500 रुपये से अधिक की प्राप्ति पर ही एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा।

शेयर बाजार और निवेश नियमों में बदलाव (Stock Market Rules)

शेयर बाजार के फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट में सेबी का नया 50:50 मार्जिन नियम लागू हो गया है। इसके तहत निवेशकों को कम से कम 50 प्रतिशत मार्जिन कैश या कैश इक्विवेलेंट में रखना होगा। अब केवल शेयर गिरवी रखकर पूरा मार्जिन नहीं लिया जा सकेगा, जिससे बाजार में जोखिम कम होने की उम्मीद है।

सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर नया नियम (Solar Project ALMM Rules)

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं। अब सरकारी सब्सिडी और नेट मीटरिंग वाले सभी सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) में शामिल उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना है, हालांकि शुरुआती दौर में सोलर इंस्टॉलेशन की लागत बढ़ सकती है।

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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