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Petrol Diesel Price Today 7 June 2026: क्या आज बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें अपने शहर का ताजा रेट
Petrol Diesel Price Today 7 June 2026: 7 जून 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जानें प्रमुख शहरों के ताजा रेट।
Petrol Diesel Price Today 7 June 2026
Petrol Diesel Price Today 7 June 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां कई शहरों में पेट्रोल 113 रुपए प्रति लीटर से ऊपर और डीजल 100 रुपए प्रति लीटर के करीब बिक रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि 7 जून 2026 को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है। ऐसे में वाहन चालकों को फिलहाल बढ़ी हुई कीमतों के साथ ही संतोष करना पड़ रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
शहर| पेट्रोल (रुपये/लीटर)| डीजल (रुपये/लीटर)
दिल्ली| 102.12| 95.20
गाजियाबाद| 101.73| 95.29
नोएडा| 102.42| 95.37
मुंबई| 111.21| 97.83
कोलकाता| 113.51| 99.94
चेन्नई| 107.75| 94.00
लखनऊ| 101.86| 95.53
जयपुर| 113.91| 98.54
पटना| 113.77| 99.96
महंगाई पर पड़ सकता है बड़ा असर
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने चेतावनी दी है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। एजेंसी के अनुसार 15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि हो चुकी है और यह बढ़ोतरी 10 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। देशभर में सामान की ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
खाने-पीने की चीजें हो सकती हैं महंगी
क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ी हुई ढुलाई लागत का असर सबसे पहले खाद्य वस्तुओं पर दिखाई दे सकता है। दूध, फल, सब्जियां, दालें, चाय, कॉफी, मसाले, अंडे, मांस और मछली जैसी वस्तुएं परिवहन नेटवर्क पर काफी हद तक निर्भर रहती हैं। ऐसे में इनके दाम बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा कपड़ा उद्योग, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, लकड़ी उत्पाद, सीमेंट और सिरेमिक सेक्टर पर भी लागत का दबाव बढ़ सकता है। रसायन, कोयला और धातु उद्योग भी इससे प्रभावित होंगे। ऐसी स्थिति में कंपनियां या तो उत्पादों के दाम बढ़ा सकती हैं या फिर समान कीमत पर उत्पाद की मात्रा कम कर सकती हैं।
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आने तक घरेलू बाजार में राहत की उम्मीद कम है। फिलहाल 7 जून को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन वैश्विक हालात पर तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों की नजर बनी हुई है।


