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Chhattisgarh News: रायपुर में स्वच्छ ईंधन की दिशा में बड़ा कदम, LPG की जगह PNG पर जोर
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गैस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए LPG की जगह PNG कनेक्शन अभियान शुरू किया जा रहा है। जिससे घरों में सुरक्षित और पारदर्शी गैस आपूर्ति की जा सके।
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Chhattisgarh News: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और एलपीजी आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच राजधानी में घरेलू गैस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब सरकार और प्रशासन पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, ताकि लोगों को स्थिर, सुरक्षित और पारदर्शी गैस आपूर्ति मिल सके।
70 कॉलोनियों में विशेष अभियान शुरू
नगर निगम क्षेत्र की 70 कॉलोनियों में PNG कनेक्शन देने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। इन इलाकों में पहले से गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए प्रशासन और गैस वितरण कंपनी मिलकर घर-घर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर रही है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य अगले तीन वर्षों में पूरी राजधानी को PNG नेटवर्क से जोड़ना है। जिला प्रशासन की निगरानी में यह अभियान चलाया जा रहा है और अगले तीन महीनों के भीतर अधिकतम घरों में कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
कनेक्शन शुल्क और आवेदन प्रक्रिया
PNG कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को कुल 9,590 रुपये शुल्क देना होगा। इसमें लगभग 9,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट शामिल है, जबकि करीब 300 रुपये इंस्टॉलेशन चार्ज के रूप में लिए जाएंगे। यह सिक्योरिटी राशि उपभोक्ता चाहें तो किस्तों में भी जमा कर सकते हैं।
कनेक्शन प्रक्रिया पूरी तरह कैंप आधारित होगी, जहां उपभोक्ताओं को पहचान पत्र और पते से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। कंपनी के कर्मचारी घर-घर जाकर आवेदन भरवाने और जानकारी एकत्र करने का कार्य भी कर रहे हैं।
LPG कनेक्शन सरेंडर अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत जिन घरों में PNG कनेक्शन दिया जाएगा, वहां LPG कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। इसके बदले उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि वापस कर दी जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता PNG नहीं लेना चाहता, तो उसे असहमति प्रमाण पत्र भरकर कारण बताना होगा।
प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों सुविधा
नई PNG प्रणाली में उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प मिलेंगे। स्मार्ट मीटर के जरिए गैस की खपत का सटीक रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे बिलिंग में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार गैस उपयोग को नियंत्रित कर सकेंगे।


