Chhattisgarh News : दंतेवाड़ा के जंगलों में पहुंची स्वास्थ्य सेवा, बड़ेपल्ली में बदली तस्वीर

Chhattisgarh News : दंतेवाड़ा के दुर्गम बड़ेपल्ली गांव में स्वास्थ्य टीम ने 13 किमी पैदल पहुंचकर 227 ग्रामीणों की जांच की और मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया।

Newstrack Network
Published on: 31 May 2026 8:39 AM IST
Chhattisgarh News :  दंतेवाड़ा के जंगलों में पहुंची स्वास्थ्य सेवा, बड़ेपल्ली में बदली तस्वीर
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Dantewada News

नई दिल्‍ली, 30 मई (आईएएनएस)। दंतेवाड़ा के घने जंगलों और कठिन पहाड़ियों के बीच बसे गांव बड़ेपल्ली में अब बदलाव की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सरकारी सेवाओं से दूर माने जाने वाले इस गांव तक अब स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार पहुंच रही है।'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 13 किलोमीटर लंबा कठिन पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर बड़ेपल्ली पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। जंगलों और पथरीले रास्तों से गुजरकर गांव पहुंची टीम ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

स्वास्थ्य शिविर में 227 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान मलेरिया, सिकल सेल, हीमोग्लोबिन, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की जांच की गई। जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही उपचार और निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।शिविर में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान एक हाई रिस्क गर्भवती महिला को बेहतर उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित 12 मरीजों को आगे के इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार दूरस्थ बस्तर तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' से ग्रामीणों को गांव के पास ही उपचार और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना, पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित मातृत्व के प्रति भी जागरूक किया।

अभियान का उद्देश्य दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ऐसे गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद मुश्किल मानी जाती थी, लेकिन अब नियमित शिविरों और प्रशासनिक पहुंच से लोगों में भरोसा बढ़ रहा है। बस्तर के जिन इलाकों को कभी भय और पिछड़ेपन की पहचान माना जाता था, वहां अब विकास और जनसेवा की नई तस्वीर उभर रही है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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