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8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, 3.5 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो वेतन में 250% तक उछाल! बढ़ेगी सैलरी
8th Pay Commission: इस संभावित वेतन वृद्धि के साथ सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक रूप से बोझ को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
8th Pay Commission
8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर पूरे देश के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों की तरफ से फिटमेंट फैक्टर को 3.5 या उससे ज्यादा रखने की मांग की जा रही है। अगर यह मांग स्वीकार हो गई है तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा लगभग 18,000 रुपये से बढ़कर 63,000 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस संभावित वेतन वृद्धि के साथ सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक रूप से बोझ को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
सबसे पहले ये समझिये कि फिटमेंट फैक्टर का अर्थ क्या होता है। यह वह गुणांक (Multiplier) होता है जिसके आधार पर पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था, जिसके कारण न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।
अब कर्मचारी संगठनों की मांग है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3.5 रखा जाए। ऐसा होने पर न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 63,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इससे कर्मचारियों की आय में लगभग 250 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।
पेंशनर्स को भी मिलेगा बड़ा फायदा
फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि का प्रभाव सिर्फ कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहेगा। लाखों पेंशनर्स को भी इसका सीधा फायदा होगा। नई व्यवस्था लागू होने पर पेंशन की राशि में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स इस परिवर्तन से प्रभावित होंगे।
सरकार पर बढ़ सकता है वित्तीय दबाव
इसे लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 3.5 के स्तर तक पहुंचता है, तो केंद्र सरकार के वेतन और पेंशन से जुड़े खर्च में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
सरकार को कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन मद में अतिरिक्त हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे में सरकार को आर्थिक संतुलन बनाए रखने और विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारियों की बढ़ीं उम्मीदें
फिलहाल 8th Pay Commission को लेकर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स की नज़रें सरकार की आगामी घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। अगर फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी होती है, तो इससे लाखों परिवारों की आय और क्रय शक्ति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच किस तरह संतुलन स्थापित करती है।


