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JoSAA Counselling 2026: IIT, NIT और IIIT में एडमिशन के लिए क्यों अहम हैं JoSAA के 5 राउंड, जानें पूरी प्रक्रिया
JoSAA Counselling 2026: आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और जीएफटीआई में एडमिशन के लिए JoSAA काउंसलिंग जरूरी है। जानिए 5 राउंड, सीट अलॉटमेंट और CSAB की पूरी प्रक्रिया।
JoSAA Counselling 2026
JoSAA Counselling 2026: देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे IIT, NIT, IIIT और GFTI में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को JoSAA (जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) काउंसलिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। JEE Main और JEE Advanced परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों के लिए यह काउंसलिंग बेहद महत्वपूर्ण होती है। JoSAA छात्रों की रैंक, श्रेणी और उनकी पसंद के आधार पर सीट आवंटित करता है। पूरी प्रक्रिया में पांच मुख्य राउंड आयोजित किए जाते हैं, जबकि बाद में खाली सीटों को भरने के लिए CSAB काउंसलिंग कराई जाती है।
रजिस्ट्रेशन और च्वॉइस फिलिंग से होती है शुरुआत
JoSAA काउंसलिंग की शुरुआत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से होती है। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करना पड़ता है। इसके बाद छात्र अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच का चयन करते हैं। इस प्रक्रिया को च्वॉइस फिलिंग कहा जाता है। उम्मीदवार जितनी सावधानी से अपनी प्राथमिकताएं भरते हैं, उसी के अनुसार उन्हें आगे सीट आवंटित की जाती है। च्वॉइस फिलिंग पूरी होने के बाद उसे लॉक करना भी जरूरी होता है।
रैंक और पसंद के आधार पर होता है सीट अलॉटमेंट
JoSAA काउंसलिंग में कुल पांच राउंड के दौरान सीट अलॉटमेंट किया जाता है। प्रत्येक राउंड में उम्मीदवारों की JEE रैंक, आरक्षण श्रेणी और भरी गई पसंदों के आधार पर सीटें आवंटित की जाती हैं। यदि किसी छात्र को सीट मिलती है तो उसे निर्धारित समय के भीतर सीट एक्सेप्टेंस फीस जमा करनी होती है। फीस जमा करने के बाद ही सीट अस्थायी रूप से सुरक्षित मानी जाती है।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन है जरूरी चरण
सीट मिलने के बाद उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने होते हैं। इनमें कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, JEE एडमिट कार्ड, रैंक कार्ड, पहचान पत्र और आरक्षण से जुड़े प्रमाण पत्र शामिल होते हैं। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। वेरिफिकेशन सफल होने पर ही छात्र अगले चरण में पहुंच पाते हैं।
Freeze, Slide और Float विकल्प का क्या मतलब है?
JoSAA काउंसलिंग के दौरान सीट मिलने पर छात्रों को तीन विकल्प दिए जाते हैं। Freeze का मतलब है कि उम्मीदवार मिली हुई सीट से पूरी तरह संतुष्ट है और आगे किसी बदलाव की इच्छा नहीं रखता। Slide विकल्प चुनने पर छात्र उसी संस्थान में बेहतर ब्रांच मिलने का इंतजार कर सकता है। वहीं Float विकल्प के जरिए उम्मीदवार अगले राउंड में किसी बेहतर कॉलेज या ब्रांच की उम्मीद बनाए रख सकता है।
अंतिम चरण में होता है एडमिशन कन्फर्म
पांचवें और अंतिम राउंड के बाद जिन छात्रों को सीट आवंटित होती है, उन्हें निर्धारित एडमिशन फीस जमा करनी होती है। इसके बाद संबंधित संस्थान में रिपोर्टिंग, मूल दस्तावेजों का सत्यापन और शेष फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके साथ ही उम्मीदवार का प्रवेश औपचारिक रूप से सुनिश्चित हो जाता है।
क्या है CSAB काउंसलिंग?
JoSAA के सभी राउंड पूरे होने के बाद भी यदि NIT, IIIT और GFTI संस्थानों में कुछ सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भरने के लिए CSAB यानी सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड विशेष काउंसलिंग आयोजित करता है। यह उन छात्रों के लिए दूसरा अवसर होता है, जिन्हें JoSAA में सीट नहीं मिली या जो बेहतर विकल्प की तलाश में होते हैं। CSAB के अतिरिक्त राउंड के माध्यम से बची हुई सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाती है।


