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Fatty Liver: दुबले लोग भी हो सकते हैं फैटी लिवर का शिकार! जानिए कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
Fatty Liver: फैटी लिवर सिर्फ मोटापे से जुड़ी बीमारी नहीं है।
Fatty Liver
Fatty Liver: फैटी लिवर को आमतौर पर मोटापे और बढ़ते वजन से जोड़कर देखा जाता है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि यह दिक्कत सिर्फ ज्यादा वजन वाले व्यक्तियों को ही प्रभावित करती है, लेकिन ऐसा नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। आज कल साधारण या कम वजन वाले लोगों में भी फैटी लिवर की समस्या तेजी से सामने आ रही है। इस स्थिति को "लीन फैटी लिवर" (Lean Fatty Liver) या "लीन नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज" (Lean NAFLD) कहा जाता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपे एक अध्ययन के अनुसार, फैटी लिवर सिर्फ मोटापे से जुड़ी बीमारी नहीं है। साधारण वजन वाले लोगों के लिवर में भी अतिरिक्त फैट जमा हो सकता है, जिससे वक़्त के साथ गंभीर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ शरीर के वजन को देखकर लिवर की स्वास्थ्य का आकलन करना सही नहीं है।
दुबले लोगों में कैसे विकसित होता है Fatty Liver?
लीन फैटी लिवर की स्थिति में शरीर का वजन साधारण होने के बावजूद लिवर की कोशिकाओं में वसा इकठ्ठा हो जाती है। शुरुआती चरण में यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित हो सकती है, जिसके कारण कई लोगों को लंबे वक़्त तक इसका पता नहीं चल पाता। हालांकि, वक़्त के साथ यह लिवर के सामान्य कार्यों को प्रभावित कर सकती है।
कुछ मरीजों में लगातार थकान, कमजोरी, पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या असहजता जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। अगर वक़्त रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो लिवर में सूजन बढ़ सकती है और आगे चलकर fibrosis, cirrhosis या अन्य गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
क्या हैं इसके प्रमुख कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार दुबले लोगों में फैटी लिवर के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें आनुवंशिक (जेनेटिक) कारक, असंतुलित खानपान, ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और अन्य मेटाबॉलिक दिक्कतें शामिल हैं।
इसके अलावा लंबे वक़्त तक अनियमित जीवनशैली अपनाने से भी लिवर में फैट जमा होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए सिर्फ वजन कम होना स्वस्थ होने की गारंटी नहीं माना जा सकता।
किन लक्षणों पर दें ध्यान?
लीन फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण हमेशा दिखाई नहीं आते। हालांकि, कुछ लोगों को लगातार थकान, कमजोरी, भूख में कमी, पेट के दाईं ओर दर्द या भारीपन जैसी शिकायतें हो सकती हैं। कई मामलों में यह बीमारी नियमित स्वास्थ्य जांच या अल्ट्रासाउंड के दौरान ही सामने आती है।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर से बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बहुत ही आवश्यक होता है। नियमित रूप से व्यायाम, पर्याप्त नींद और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इसके साथ ही प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और ज्यादा चीनी वाली चीजों का सेवन सीमित करना चाहिए। ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य मेटाबॉलिक दिक्कतों को नियंत्रित रखना भी जरूरी है। नियमित हेल्थ चेकअप और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक जांच करवाने से बीमारी की समय पर पहचान संभव है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चाहे वजन सामान्य हो या कम, लिवर के स्वास्थ्य को अनदेखा नहीं करना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली और वक़्त पर जांच ही फैटी लिवर जैसी समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।


