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K Annamalai ने BJP से इस्तीफा देते ही रचा इतिहास, कुछ ही घंटो में 10 लाख लोगों से ज्यादा जुड़े
K Annamalai Quits BJP: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने पार्टी छोड़कर नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया है, जिसे शुरुआती घंटों में ही भारी जनसमर्थन मिला। उनके अभियान से 10 घंटे में करीब 10 लाख लोग जुड़े। अन्नामलाई ने संकेत दिया कि यह आंदोलन जल्द ही राजनीतिक दल का रूप लेकर आगामी विधानसभा चुनावों में भी हिस्सा लेगा।
Annamalai Resignation Accepted
K Annamalai Quits BJP: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। बीजेपी से अलग होने के तुरंत बाद उन्होंने एक नए राजनीतिक आंदोलन की नींव रखी है, जिसे जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। इस नए अभियान की शुरुआत के महज 10 घंटों के भीतर ही करीब 10 लाख लोगों ने उनके समर्थन में हस्ताक्षर कर दिए हैं। शुक्रवार को भाजपा से इस्तीफा देने के बाद शुरू हुए इस अभियान की सफलता पर अन्नामलाई ने सोशल मीडिया के जरिए खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुड़ना यह साबित करता है कि जनता उनके दृष्टिकोण और इस नए अभियान के विचारों से पूरी तरह सहमत है। उन्होंने इस भरोसे के लिए सभी समर्थकों का आभार भी व्यक्त किया।
आंदोलन से विधानसभा चुनाव तक की तैयारी
अन्नामलाई ने यह साफ कर दिया है कि उनका यह आंदोलन सिर्फ एक अभियान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह एक मजबूत राजनीतिक दल का रूप लेगा। यह नई पार्टी तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमाएगी। अपने समर्थकों से जुड़ने के लिए उन्होंने 'वेथेलीडरडॉटओआरजी' नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिक से अधिक स्वयंसेवकों को इस मुहिम से जुड़ने और अपना योगदान देने का निमंत्रण दिया। इस डिजिटल मंच की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्च होने के सिर्फ एक घंटे के भीतर ही डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने इस पर अपना पंजीकरण करा लिया था।
भाजपा से अलग होने की मुख्य वजह
अपनी पुरानी पार्टी को छोड़ने के फैसले पर बात करते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने कहा कि वह पूरे सम्मान के साथ भाजपा से अलग होना चाहते थे। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 18 महीनों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके वैचारिक मतभेद चल रहे थे, जिसके परिणाम स्वरूप उन्होंने यह कदम उठाया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को दो मई को भेजे गए अपने इस्तीफे में भी उन्होंने तमिलनाडु की राजनीतिक दशा और दिशा को लेकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ विजन के स्तर पर आए मतभेदों का जिक्र किया था। उनका कहना था कि राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर आलाकमान और उनके विचार मेल नहीं खा रहे थे, और वह अपने विचारों का बोझ केंद्रीय नेतृत्व पर और ज्यादा नहीं डालना चाहते थे।
आम जनता को राजनेता बनाने का संकल्प
अपने भविष्य के विजन को साझा करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि इस नए आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर विकास करना और आम नागरिकों को नेतृत्व के लिए सशक्त बनाना है। वह एक ऐसा जन-आंदोलन खड़ा करना चाहते हैं जो नए विचारों और प्रगतिशील विचारधारा से लैस हो। इसके जरिए आम लोगों को राजनीति की मुख्यधारा में लाकर लीडर बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। राजनीति में आने के इच्छुक युवाओं को सही दिशा और नैतिक शिक्षा देने के लिए उन्होंने कोयंबटूर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर 'सेंटर फॉर पॉलिटिक्स एंड एथिक्स' संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की है।
पुराने दिनों की यादें और भविष्य की सीख
अपने अब तक के राजनैतिक सफर को याद करते हुए अन्नामलाई ने बताया कि साल 2020 में भाजपा में शामिल होने से बहुत पहले उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दिवंगत अभिनेता और राजनेता विजयकांत की पार्टी डीएमडीके से की थी। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि ऐसा लगता है जैसे वह अब तक एक प्रशिक्षु की तरह सीख रहे थे और 17 साल बाद आज भी वह बेहतर राजनीति और सुशासन को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा में जाने से पहले सुपरस्टार रजनीकांत के साथ हुई अपनी बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद ही कोई फैसला लिया था, और वह आज भी रजनीकांत के प्रति अपने मन में गहरा सम्मान रखते हैं।


