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असम चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव! चाय बागानों तक पहुंचे पीएम मोदी, माहौल गरमाया
Assam Elections PM Modi BJP Strategy: असम चुनाव 2026 में पीएम मोदी के दौरे से सियासत गरमा गई है। चाय बागानों से लेकर ऊपरी असम तक बीजेपी ‘पहचान की राजनीति’ के सहारे जीत की रणनीति बना रही है।
Assam Elections PM Modi BJP Strategy: असम की सियासत इन दिनों उबाल पर है। चुनावी रणभूमि तैयार है और हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चाय बागानों तक पहुंचना एक बड़ा संदेश दे गया है। दरअसल, असम के चाय बागान सिर्फ अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि राजनीति का भी अहम हिस्सा हैं। यहां काम करने वाले लाखों मजदूर चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। पीएम मोदी का यहां पहुंचना यह दिखाता है कि बीजेपी इस वर्ग को अपने साथ मजबूती से जोड़ना चाहती है। पार्टी का फोकस अब सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधा संपर्क बढ़ाने पर है।
ऊपरी असम में बड़ा दांव
बीजेपी की नजर खासतौर पर ऊपरी असम की 40 सीटों पर टिकी है। शिवसागर, जोरहाट, डिब्रूगढ़ जैसे जिलों में पार्टी को पिछले चुनावों में बड़ी सफलता मिली थी। 2021 में कांग्रेस यहां केवल 5 सीटें जीत पाई थी, जबकि बीजेपी ने मजबूत पकड़ बनाई थी। इस बार भी पार्टी को उम्मीद है कि वही रुझान दोहराया जाएगा।
‘पहचान की राजनीति’ बना ट्रंप कार्ड
इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा ‘असमिया पहचान’ बनता दिख रहा है। बीजेपी लगातार अवैध घुसपैठ और जमीन कब्जे जैसे मुद्दों को उठा रही है। सरकार का दावा है कि उसने बड़े स्तर पर जमीन खाली कराई और हजारों लोगों को बाहर किया। यही नैरेटिव अब चुनावी रणनीति का केंद्र बन गया है।
संगठन में बदलाव, नए चेहरे
बीजेपी ने इस बार एंटी-इनकम्बेंसी से बचने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कई मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया गया और नए चेहरों को मौका मिला है। इससे पार्टी नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरना चाहती है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस बार गठबंधन का दांव खेला है। वाम दलों और क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर वह बीजेपी को टक्कर देने की तैयारी में है। लेकिन मुकाबला आसान नहीं होगा, क्योंकि बीजेपी का फोकस साफ है।


