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Dharmendra Pradhan News: धर्मेंद्र प्रधान बने सरकार के दिकक्त का सबब, अगले विस्तार में जाना तय
Dharmendra Pradhan Must Resign: काक्रोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके अमेरिका से चल कर दिल्ली धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा माँगने आ पहुँचे है।
Dharmendra Pradhan Resign Confirm Reason NEET Paper Leak
Dharmendra Pradhan Must Resign: कभी भाजपा के शुभंकर समझे जाने वाले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केंद्र सरकार के गले की फाँस बन गये हैं। इन्हें लेकर केंद्र सरकार व भाजपा की स्थिति ‘साँप व छछून्दर’ की हो गई है। काक्रोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके अमेरिका से चल कर दिल्ली धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा माँगने आ पहुँचे है। जंतर मंतर पर इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन की ओर बढ़ रहे हैं। तब सरकार के सामने संकट यह है कि वह दीपके की अगुवाई में होने वाले इस आंदोलन की बात मान ले या फिर अड़ी रहे। सरकार का भय यह है कि वह इस मांग को मान ले तो दबाव बनाने का यह सिलसिला कहां रुकेगा। नहीं कहा जा सकता। इस आंदोलन के प्रति सोनम वांगचुक का रुख़ भी कम परेशानी का सबब नहीं है। हालाँकि की दिल्ली सरकार ने प्रदर्शनकारियों को अनुमति देकर बेहद सूझबूझ का परिचय दिया है।
प्रधान जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। उनके कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन जैसे कदम उठे। लेकिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर कई विवाद भी सामने आए।मसलन, मई–जून, 2024 का NEET-UG 2024 परिणाम विवाद। 4 जून, 2024 को NEET-UG के परिणाम घोषित हुए। 67 छात्रों के 720/720 अंक आने और कुछ छात्रों को ‘ग्रेस मार्क्स’ दिए जाने पर भारी विवाद हुआ।
छात्रों और विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।बाद में NTA ने ग्रेस मार्क्स की समीक्षा की और प्रभावित छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा कराई गई।
जून, 2024 में NEET-UG 2024 पेपर लीक आरोप के। बिहार पुलिस की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के संकेत मिले।शुरुआत में सरकार ने बड़े पैमाने पर पेपर लीक के आरोपों को खारिज किया, लेकिन बाद में कई गिरफ्तारियां हुईं।इस मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।शिक्षा मंत्री ने छात्रों का विश्वास टूटने पर ‘नैतिक जिम्मेदारी’ स्वीकार की।
UGC-NET परीक्षा 18 जून2035 को हुई और अगले ही दिन रद्द कर दी गई।गृह मंत्रालय के अधीन Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) से परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की सूचना मिलने के बाद यह फैसला लिया गया।सरकार ने जांच CBI को सौंप दी।विपक्ष ने इसे शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया।
NEET और UGC-NET विवादों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठे। सरकार को NTA सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति बनानी पड़ी।पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सुधार समिति गठित की गई।
CUET परीक्षाओं में कई बार परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी, सर्वर समस्या और परीक्षा स्थगन की शिकायतें आईं। 2026 में हजारों छात्रों को पुनर्परीक्षा का अवसर देना पड़ा क्योंकि कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ियों से परीक्षा प्रभावित हुई।
मई 2026 में आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द करनी पड़ी।लगभग 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए।सरकार ने “chain of command में breach” स्वीकार किया और पुनर्परीक्षा की घोषणा की।शिक्षा मंत्री ने भविष्य में NEET को कंप्यूटर आधारित (CBT) बनाने की घोषणा की।
छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने NEET, UGC-NET और CUET विवादों को लेकर कई बार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।2026 में भी छात्र संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किए।
केंद्र की मोदी सरकार अपने मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों को दस दस साल तक काम करने का अवसर देने वाली सरकारों में गिनी जाती है। पर शिक्षा मंत्रालय में इस सरकार ने न केवल सबसे ज्यादा मंत्री बदले बल्कि सबसे ज्यादा प्रयोग भी किये। फिर भी इसी मंत्रालय के फ़ैसले सर के गले की फाँस बने हैं।
2014 में सरकार बनते ही स्मृति ईरानी पहली शिक्षा मंत्री।वह IIT, IIM और केंद्रीय विश्वविद्यालयों से जुड़े कई विवादों के कारण चर्चा में रहीं।हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या और जेएनयू विवाद के समय मंत्रालय उनके पास था। फिर यह दायित्व प्रकाश जावेडकर को मिला । उन्होंने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में कई सुधारों की शुरुआत।नई शिक्षा नीति (NEP) का प्रारंभिक मसौदा तैयार कराने की प्रक्रिया उनके समय में आगे बढ़ी। इसके बाद आये रमेश पोखरियाल के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) लागू हुई।जुलाई 2020 में मंत्रालय का नाम HRD से बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया।कोविड-19 काल में ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोर रहा। फिर धर्मेंद्र प्रधान को इस मंत्रालय की ज़िम्मेदारी मिली।इन्होने NEP 2020 का क्रियान्वयन, CUET की शुरुआत और विस्तार किया, NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं (NEET, CUET, UGC-NET आदि) को लेकर कई विवाद और प्रश्नपत्र लीक के आरोप उनके कार्यकाल में सामने आए। जिसके कारण विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग करता रहा है।


