Karnataka CM Oath: कर्नाटक में नई सरकार का खाका तैयार, ये 13 मंत्री लेंगे शपथ, कौन बनेगा डिप्टी CM

Karnataka CM Oath: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। 3 जून को डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। पहले चरण में 13 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना है, जबकि जी परमेश्वर के उपमुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 2 Jun 2026 8:56 PM IST
Karnataka CM Oath
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Karnataka CM Oath: कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। अब सभी की नजर 3 जून को बेंगलुरु में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई है, जहां मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार नई सरकार की कमान संभालते नजर आ सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में डीके शिवकुमार के साथ 13 कैबिनेट मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। हालांकि कैबिनेट का विस्तार बाद में किए जाने की योजना है। कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश ऐसी टीम तैयार करने की है जो क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को साधने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में सरकार का चेहरा बने।

हुई हाईकमान की अहम बैठक

नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार और मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हिस्सा लिया।

यहां दोनों नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य नई कैबिनेट की संरचना तय करना, सत्ता संतुलन बनाना और संगठनात्मक समीकरणों को अंतिम रूप देना था।

इन नेताओं को मिल सकती है जगह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां पहले चरण की कैबिनेट में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वहीं जी परमेश्वर के अकेले उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है।

इसके अलावा जिन नेताओं के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, उनमें यतींद्र, केएच मुनियप्पा, यूटी खादर, केजे जॉर्ज, कृष्णा बायरे गौड़ा, एमबी पाटिल, प्रियांक खड़गे, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, दिनेश गुंडू राव, बायराथी सुरेश और ईश्वर खंड्रे शामिल हैं। इन नामों के जरिए कांग्रेस विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन साधने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।

दिया भरोसे और जिम्मेदारी का संदेश

मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहे डीके शिवकुमार ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर भी बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन पर जो विश्वास और भरोसा जताया है, उसके लिए वह बेहद आभारी हैं।

उन्होंने कहा कि आगे का सफर आसान नहीं होगा और कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता ने जो विश्वास उन पर जताया है, उस पर वह खरे उतरने का प्रयास करेंगे।

विकास, निवेश और युवाओं पर रहेगा फोकस

डीके शिवकुमार ने कर्नाटक की वैश्विक पहचान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस सुशासन और विकास पर रहेगा।

उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, निवेश आकर्षित करने, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने तथा युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही आर्थिक विकास को गति देने और समावेशी नेतृत्व के मॉडल को आगे बढ़ाने को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।

3 जून पर टिकी राजनीतिक नजरें

यहां कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। कांग्रेस नेतृत्व कैबिनेट गठन के जरिए राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में 3 जून को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार किस तरह अपने वादों और प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारती है और कर्नाटक की राजनीति को किस नई दिशा में ले जाती है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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