India Nepal Border Dispute: भारत की ताकत के आगे झुका नेपाल? सीमा विवाद पर बदले सुर, बोले- खुले मन से होगी बात

India Nepal Border Dispute: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत को आर्थिक महाशक्ति बताते हुए कहा है कि नेपाल, भारत के साथ खुले मन से और द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सीमा विवाद का हल चाहता है।

Shivam Shrivastava
Published on: 7 Jun 2026 5:35 PM IST (Updated on: 7 Jun 2026 5:36 PM IST)
India Nepal Border Dispute: भारत की ताकत के आगे झुका नेपाल? सीमा विवाद पर बदले सुर, बोले- खुले मन से होगी बात
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India Nepal Border Dispute: भारत की बढ़ती वैश्विक साख और मजबूत अर्थव्यवस्था का असर अब पड़ोसी देशों के रुख पर भी दिखने लगा है। सीमा विवाद को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के बयानों के बाद, अब नेपाल के रुख में नरमी आई है। भारत दौरे पर आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की तकनीकी और आर्थिक क्षमता की खुलकर सराहना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल, भारत को एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखता है और दोनों देशों के बीच के सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण और खुले मन से बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल की नई सरकार भारत को किसी भी रूप में अपने विरोधी के तौर पर नहीं देखती है।

नेपाल अब पुरानी कड़वाहटों और विवादों को पीछे छोड़कर भारत के साथ मजबूत और पारस्परिक लाभ पर आधारित संबंध बनाने का इच्छुक है। विदेश मंत्री खनाल के अनुसार, उनका देश 21वीं सदी की जटिल भू-राजनीति के संकीर्ण नजरिए से भारत को नहीं देखता। वे दोनों देशों के बीच के सीमा मुद्दे को एक स्थापित द्विपक्षीय ढांचे के तहत 'खुले मन' से सुलझाने के पक्षधर हैं। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई मुलाकात के बाद खनाल ने भरोसा जताया कि जब दोनों पक्ष तथ्यों और प्रामाणिक आंकड़ों के आधार पर एक साथ बैठेंगे, तो कोई भी समस्या इतनी पेचीदा नहीं रह जाएगी जिसका समाधान न निकाला जा सके।

संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता और लिपुलेख का मुद्दा

नेपाल की वर्तमान सरकार नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव बेहद गहरा है। हालांकि, लिपुलेख क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद पुराना है, जिसे नेपाल अपने नक्शे में भी शामिल कर चुका है। वहीं दूसरी ओर, आजादी से पहले के समझौतों के आधार पर इस क्षेत्र पर भारत का अधिकार है, जो मानसरोवर-कैलाश यात्रा के दृष्टिकोण से बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण मार्ग है। इस बीच, नेपाल ने चीन और ब्रिटेन से भी संपर्क की बात कही थी, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि सीमा विवाद को सुलझाने के लिए किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका की कोई आवश्यकता नहीं है और दोनों देशों के पास इस मुद्दे को हल करने के लिए पर्याप्त द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।

Shivam Shrivastava
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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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