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TMC Crisis: TMC में बगावत के बीच दिल्ली क्यों जा रही दीदी? 'इंडिया' ब्लॉक की सबसे बड़ी बैठक...जानिए पूरा प्लान
Mamata Banerjee Delhi Visit: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर 60 विधायकों की बगावत और पार्टी में मचे सियासी भूकंप के बीच ममता बनर्जी आगामी 8 जून को दिल्ली का दौरा करने जा रही हैं। वे वहां 'इंडिया' ब्लॉक की लोकसभा चुनाव के बाद होने वाली पहली बड़ी बैठक में शामिल होंगी।
Mamata Banerjee Delhi Visit: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुखिया ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर यह है कि टीएमसी अब सीधे तौर पर टूट की कगार पर खड़ी है। पार्टी से निकाले गए बागी विधायक संदीपन साहा की अगुवाई में एक बड़े गुट ने विधानसभा पहुंचकर ऋतब्रत बनर्जी को नया नेता प्रतिपक्ष बनाने का खुला दावा ठोक दिया है। इस बागी गुट का दावा है कि टीएमसी के 50 से भी ज्यादा विधायक उनके साथ खड़े हैं, जबकि कुछ सूत्रों के अनुसार यह संख्या 60 तक पहुंच चुकी है। इस जबरदस्त अंदरूनी कलह और सियासी भूकंप के बीच, ममता बनर्जी बंगाल के संकट को छोड़कर अचानक दिल्ली का रुख कर रही हैं, जिसने देश की राजनीति को गरमा दिया है।
पार्टी में बगावत के बीच ममता का दिल्ली दौरा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली विपक्षी दलों के 'इंडिया' ब्लॉक की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने जा रही हैं। इस अहम दौरे पर उनके साथ उनके भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे। यह राजनीतिक कदम इसलिए बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि ममता बनर्जी ऐसे समय में दिल्ली जा रही हैं, जब उनके अपने ही घर यानी पार्टी में भीषण बगावत चल रही है। चुनाव में हार के बाद टीएमसी ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाने की घोषणा की थी, लेकिन उनके अपने ही विधायकों ने इस फैसले के खिलाफ विद्रोह कर दिया और खुद ऋतब्रत बनर्जी को आगे कर दिया।
2024 के बाद विपक्ष की पहली सबसे बड़ी बैठक
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद 'इंडिया' ब्लॉक की यह पहली ऐसी बड़ी बैठक होने जा रही है, जिसमें विपक्ष के सभी शीर्ष नेता एक साथ एक मंच पर आमने-सामने बैठेंगे। हालांकि, इससे पहले पिछले साल जुलाई में भी विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन वह बैठक केवल इंटरनेट के माध्यम से यानी वर्चुअल हुई थी और उसमें सभी दलों के बड़े नेता शामिल नहीं हो पाए थे। इसके बाद साल 2025 के अगस्त महीने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को एक खास डिनर पर भी आमंत्रित किया था, जहां उपराष्ट्रपति चुनाव और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई थी। लेकिन इस बार की बैठक पूरी तरह अलग और बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या बच पाएगा 'इंडिया' ब्लॉक का भविष्य
साल 2024 के आम चुनाव के नतीजों के बाद से ही देश की राजनीति में 'इंडिया' ब्लॉक के भविष्य और उसकी एकता को लेकर लगातार तरह-तरह के सवाल उठते रहे हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी में मची इस भारी भगदड़ और बगावत के बावजूद दिल्ली केवल इसलिए जा रही हैं, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक ताकत को कमजोर न होने दें। वे देश को यह संदेश देना चाहती हैं कि बंगाल की हार और घरेलू विवादों के बाद भी राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद और महत्व कम नहीं हुआ है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली में होने वाली इस महाबैठक से 'इंडिया' ब्लॉक को कितनी मजबूती मिलती है और क्या ममता बनर्जी दिल्ली से लौटकर बंगाल में अपनी बिखरती हुई पार्टी को संभाल पाती हैं या नहीं।


