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राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले, स्क्रैपिंग नीति-2025 से एआई पॉलिसी तक और हरित विकास को नई दिशा
Rajasthan News: कैबिनेट ने अपंजीकृत, अनफिट और प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की वैज्ञानिक व सुरक्षित स्क्रैपिंग के लिए राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी दी।
Rajasthan Cabinet Decisions Bhajanlal Sharma Cabinet Meeting
Rajasthan News: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में पर्यावरण संरक्षण, हरित एवं टिकाऊ विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग, ऊर्जा, प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश को आधुनिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और उत्तरदायी गवर्नेंस के साथ तेज़ विकास की राह पर आगे बढ़ाना है।
राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी
कैबिनेट ने अपंजीकृत, अनफिट और प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की वैज्ञानिक व सुरक्षित स्क्रैपिंग के लिए राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी दी। इसके तहत प्रदेश में पंजीकृत व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज (RVSF) को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और ट्रेस योग्य होगी।
15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस या पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त या स्वैच्छिक रूप से सौंपे गए वाहन स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैपिंग पर वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (CVS) मिलेगा, जिसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50% तक (अधिकतम 1 लाख रुपये) की छूट दी जाएगी।
निवेश और सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा
नीति के तहत शुरुआती 20 पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स को पूंजी निवेश सब्सिडी, कर छूट, ब्याज अनुदान, स्टांप ड्यूटी और विद्युत शुल्क में रियायतें मिलेंगी। स्क्रैपिंग से प्राप्त स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर जैसे संसाधनों के पुनः उपयोग से ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ती कच्ची सामग्री उपलब्ध होगी।
राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026 को हरी झंडी
कैबिनेट ने राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी, जिससे प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में निवेश व नवाचार का उभरता केंद्र बनाया जाएगा। नीति का फोकस उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित एआई उपयोग पर है।
इसके तहत ई-गवर्नेंस, सार्वजनिक सेवा वितरण, प्रशासनिक दक्षता और डेटा सुरक्षा को मज़बूत किया जाएगा। एआई सिस्टम्स में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के साथ साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान की स्पष्ट व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, स्कूलों-कॉलेजों में एआई शिक्षा और युवाओं व सरकारी कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू होंगे।
ग्रीन क्रेडिट वाउचर योजना को मंजूरी
हरित और टिकाऊ विकास को प्रोत्साहन देने के लिए ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत उद्यमों और शहरी निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और प्रदूषण नियंत्रण जैसी परियोजनाओं के लिए ट्रेडेबल और रिडीमेबल ग्रीन क्रेडिट वाउचर दिए जाएंगे।
1 करोड़ रुपये तक के हरित निवेश पर 5% और 10 करोड़ से अधिक निवेश पर 10% (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपये) तक का ग्रीन वाउचर मिलेगा।
राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत मंजूर
कैबिनेट ने पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी। अब परियोजना की कुल लागत 79,459 करोड़ रुपये होगी। इसमें राज्य सरकार की 26% इक्विटी हिस्सेदारी तय की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कार्यकाल में रिफाइनरी का काम तेज़ी से आगे बढ़ा है और यह परियोजना पूर्णता की ओर अग्रसर है।
सेवा नियमों और भत्तों में सुधार
राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025 को मंजूरी, जिससे पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे।
राजस्थान विधानसभा सचिवालय नियमों में संशोधन कर मार्शल व उप-मार्शल पदों पर सैन्य व अर्द्धसैन्य बलों के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का रास्ता खुला।
स्पेशल सिक्योरिटी विंग के कार्मिकों का विशेष भत्ता 15% से बढ़ाकर 25% किया गया, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट को स्वीकृति
कैबिनेट ने वर्ष 2025-26 के लिए सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट की सिफारिशों को मंजूरी दी, जिन्हें आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
इन फैसलों के साथ राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राजस्थान को हरित विकास, तकनीकी नवाचार, पारदर्शी प्रशासन और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे के साथ एक आधुनिक, आत्मनिर्भर राज्य के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।


