Rajasthan News: अनुशासन और जवाबदेही पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, दोषी चिकित्सकों पर गिरी गाज

Rajasthan News: सरकारी सूत्रों के अनुसार, आयुर्वेद और पशुपालन विभाग से जुड़े दो चिकित्सा अधिकारी आपराधिक प्रकरणों में दोष सिद्ध पाए गए थे।

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Published on: 31 Dec 2025 7:19 PM IST
Rajasthan News: अनुशासन और जवाबदेही पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, दोषी चिकित्सकों पर गिरी गाज
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Rajasthan News: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा और सख्त संदेश दिया है। विभागीय जांच से जुड़े आठ मामलों में मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें आपराधिक मामलों में दोषी पाए गए दो चिकित्सा अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि चार सेवानिवृत्त चिकित्सकों सहित कुल पांच कार्मिकों की पेंशन रोकने का आदेश दिया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, आयुर्वेद और पशुपालन विभाग से जुड़े दो चिकित्सा अधिकारी आपराधिक प्रकरणों में दोष सिद्ध पाए गए थे। जांच पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार दोनों को “सेवा से पदच्युत” करने का कठोर दंड दिया गया। यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस स्पष्ट रुख को दर्शाती है, जिसमें भ्रष्टाचार, आपराधिक आचरण और अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जा रही है।

इसके अलावा, राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के अंतर्गत सेवानिवृत्त राजकीय चिकित्सकों के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच के तीन मामलों में भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया। इन प्रकरणों में चार सेवानिवृत्त चिकित्सकों और एक अन्य कार्मिक के खिलाफ पेंशन रोकने के दंड को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी कदाचार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

नियम 16 सीसीए के तहत ही दो अन्य मामलों में, लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और अराजकीय आचरण के आरोपों में दोषी पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध जांच निष्कर्षों को राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय लिया गया है। वहीं, नियम 17 सीसीए के एक मामले में अपील स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारी को राहत दी गई है, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि न्यायसंगत दृष्टिकोण के साथ निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य सरकार प्रशासनिक शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी कार्मिक को नियमों के तहत कठोर परिणाम भुगतने होंगे, चाहे वह सेवारत हो या सेवानिवृत्त। सरकार का यह कदम न केवल प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन मजबूत करेगा, बल्कि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का मनोबल भी बढ़ाएगा।

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