Bengal Politics: पहले विधायक टूटे, अब सांसद? ममता की TMC में बगावत तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा

Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों का दावा है कि पार्टी के कई सांसद भी उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच ममता बनर्जी धीरे-धीरे अपने ही संगठन में अलग-थलग पड़ती नजर आ रही हैं।

Shivam Shrivastava
Published on: 5 Jun 2026 6:01 PM IST (Updated on: 5 Jun 2026 6:46 PM IST)
Bengal Politics: पहले विधायक टूटे, अब सांसद? ममता की TMC में बगावत तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा
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Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे ऋतब्रत बनर्जी ने सत्तारूढ़ खेमे में खलबली मचा दी है। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ दावा किया है कि उनके नेतृत्व वाले विद्रोही गुट को मिलने वाला समर्थन दिन-ब-दिन मजबूत होता जा रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी के भीतर चल रहे इस गंभीर संकट के बीच ऋतब्रत का कहना है कि विधानसभा में टीएमसी के कई विधायक लगातार उनके संपर्क में हैं और यह संख्या आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ेगी। हालांकि, रणनीतिक तौर पर उन्होंने अभी उन विधायकों के नामों का खुलासा नहीं किया है जो पाला बदलने की तैयारी में हैं। इस बगावत ने ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है, विशेषकर इसलिए क्योंकि टीएमसी विधायकों का एक बड़ा वर्ग पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से बेहद नाराज है और यह गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। अपने रुख को स्पष्ट करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उनका संख्या बल लगातार बढ़ता रहेगा और इसमें कमी आने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी साफ किया कि पिछले एक हफ्ते में उनकी किसी सांसद से बातचीत नहीं हुई है, लेकिन विधायकों का कारवां रुकने वाला नहीं है।

शुभेंदु अधिकारी से कार्रवाई की मांग और भाजपा पर निशाना

विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से एक विशेष अपील की है। उन्होंने भाजपा नेता प्रियंका तिबड़ेवाल के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है, जिन पर विद्रोही टीएमसी नेता संदीपन साहा के आवास के बाहर हंगामा और विरोध प्रदर्शन करने का आरोप है। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि एंटाली सीट से चुनाव हार चुकीं भाजपा उम्मीदवार प्रियंका तिबड़ेवाल का संदीपन साहा के घर के सामने इस तरह प्रदर्शन करना बेहद शर्मनाक है। इस मामले को लेकर न्यू मार्केट थाने में बकायदा शिकायत भी दर्ज कराई गई है। ऋतब्रत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस तरह की अलोकतांत्रिक हरकतों का समर्थन न करें और तुरंत ऐक्शन लें। भाजपा के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर यह आम जनता का गुस्सा था, तो प्रियंका तिबड़ेवाल वहां क्या कर रही थीं? उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संदीपन साहा का घर एंटाली में नहीं बल्कि चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में आता है, जिससे साफ होता है कि भाजपा ने बाहर से लोगों को जुटाकर जानबूझकर यह तमाशा खड़ा किया है।

ममता बनर्जी के लिए बढ़ती मुश्किलें और नया राजनीतिक परिदृश्य

ऋतब्रत बनर्जी की इस खुली बगावत ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। ममता से नाता तोड़कर विपक्ष के नेता का पद संभालने वाले ऋतब्रत ने राज्य में एक अभूतपूर्व सियासी संकट को जन्म दे दिया है। स्थिति यह हो चुकी है कि खुद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट पर हार स्वीकार कर चुकी हैं। इस राजनीतिक उथल-पुथल का नतीजा यह हुआ है कि तृणमूल कांग्रेस को करीब 15 साल बाद बंगाल की सत्ता से हाथ धोना पड़ा है, और भारतीय जनता पार्टी पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ राज्य की कमान संभाल रही है। ऐसे नाजुक दौर में ऋतब्रत बनर्जी के इस विद्रोही कदम ने टीएमसी की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है और पार्टी के भविष्य को अधर में लटका दिया है।

Shivam Shrivastava
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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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