चांदी खरीदने से पहले हो जाएं सतर्क! बढ़ती कीमतों में ऐसे पहचानें असली और नकली चांदी

How to Identify Real Silver: चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। खरीदने से पहले जानें असली और नकली चांदी की पहचान, हॉलमार्क, ग्रेड और आसान टेस्ट।

Jyotsana Singh
Published on: 7 Jan 2026 3:56 PM IST
चांदी खरीदने से पहले हो जाएं सतर्क! बढ़ती कीमतों में ऐसे पहचानें असली और नकली चांदी
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How to Identify Real Silver

How to Identify Real Silver: देश में इन दिनों चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। निवेश के लिहाज से हो या गहनों के शौक के तौर पर, चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है। लेकिन इसी बढ़ती मांग और ऊंचे दामों के बीच ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारियों को सम्मान स्वरूप दिए गए गोल्ड प्लेटेड चांदी के सिक्के नकली निकले, जिनमें 20 ग्राम बताई गई चांदी की जगह केवल 0.23 ग्राम चांदी पाई गई। ऐसे मामलों ने आम उपभोक्ताओं को सतर्क होने की जरूरत और बढ़ा दी है। अगर आप भी चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि मिलावट क्यों होती है, किस तरह की धातुएं मिलाई जाती हैं और असली चांदी की पहचान कैसे करें।

चांदी में मिलावट क्यों की जाती है

चांदी में मिलावट मुख्य रूप से दो कारणों से की जाती है। पहला कारण है मजबूती। शुद्ध चांदी यानी 99.9 प्रतिशत चांदी बहुत नरम होती है, जिससे टिकाऊ गहने बनाना मुश्किल होता है। इसलिए इसमें दूसरी धातुएं मिलाकर इसे मजबूत बनाया जाता है। दूसरा और ज्यादा गंभीर कारण है लागत कम करके मुनाफा बढ़ाना। कुछ कारोबारी चांदी की शुद्धता घटाकर बाकी हिस्सा सस्ती धातुओं से भर देते हैं, लेकिन ग्राहक से कीमत शुद्ध चांदी की ही वसूलते हैं।

चांदी में किन धातुओं की मिलावट होती है

बाजार में मिलने वाली मिलावटी चांदी में सबसे ज्यादा तांबा मिलाया जाता है। कई ज्वैलर्स चांदी की मात्रा 80 प्रतिशत से घटाकर 60 से 70 प्रतिशत तक कर देते हैं और बाकी हिस्सा तांबे से भर देते हैं। इसके अलावा जस्ता और निकल का भी इस्तेमाल होता है। ये धातुएं चांदी की चमक बढ़ाने और उसे सख्त बनाने में मदद करती हैं। निकल दिखने में बिल्कुल चांदी जैसा सफेद होता है, इसलिए आम ग्राहक के लिए इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण इलाकों में बिकने वाले पायल, बिछिया और सस्ते गहनों में जस्ते की भारी मिलावट देखने को मिलती है। पहले गहनों के टांके लगाने में कैडमियम का भी इस्तेमाल किया जाता था, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। हालांकि अब कई ज्वैलर्स ‘कैडमियम-फ्री’ चांदी के गहने देने लगे हैं।

वहीं, जर्मन सिल्वर नाम सुनकर लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं। नाम में ‘सिल्वर’ होने के बावजूद इसमें असली चांदी बिल्कुल नहीं होती। यह तांबा, जस्ता और निकल का मिश्रण होता है और केवल देखने में चांदी जैसा लगता है। इसे निवेश के उद्देश्य से खरीदना बड़ी गलती हो सकती है।

चांदी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान

हॉलमार्किंग जरूर जांचें

आज सोने की तरह चांदी की भी हॉलमार्किंग होती है। चांदी खरीदते समय BIS का लोगो, शुद्धता का ग्रेड और HUID कोड जरूर देखें-

सिक्कों और बार के लिए 999 ग्रेड

गहनों के लिए 925 ग्रेड

HUID कोड 6 अंकों का यूनिक अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है, जो चांदी की प्रमाणिकता बताता है।

शुद्धता का ग्रेड समझना जरूरी

हर तरह की चांदी हर काम के लिए सही नहीं होती। जानें डिटेल -

999 ग्रेड (फाइन सिल्वर),

99.9 प्रतिशत शुद्ध, लेकिन बहुत नरम। सिक्कों, बिस्किट और बर्तनों के लिए बेहतर।

925 ग्रेड (स्टर्लिंग सिल्वर)

92.5 प्रतिशत चांदी और 7.5 प्रतिशत अन्य धातु। गहनों के लिए सबसे उपयुक्त।

800/900 ग्रेड

पुराने सिक्कों या खास बर्तनों में मिलती है।

कीमत और मेकिंग चार्ज समझें

चांदी के दाम रोज बदलते हैं। खरीदने से पहले उस दिन का बाजार भाव जरूर जांचें। गहनों पर मेकिंग चार्ज आमतौर पर 15 से 25 प्रतिशत तक होता है, जबकि सिक्कों और बार पर यह कम रहता है।

घर पर ऐसे करें चांदी की पहचान

चुंबक टेस्ट

असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर गहना चुंबक की ओर खिंचता है, तो उसमें मिलावट है।

बर्फ टेस्ट

चांदी ऊष्मा की बेहतरीन सुचालक होती है। चांदी के सिक्के पर बर्फ रखने से वह बहुत तेजी से पिघलता है।

रिंग टेस्ट

चांदी के सिक्के को जमीन पर गिराने पर तेज और साफ आवाज आती है, जबकि नकली धातु की आवाज भारी और दबी हुई होती है।

स्मैल टेस्ट

असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। तांबे या धातु जैसी बदबू मिलावट का संकेत है। मिलावटी चांदी जल्दी काली या हरी भी पड़ जाती है।

क्या चांदी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है?

चांदी बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ अतुल गुप्ता के अनुसार फिलहाल चांदी पर हॉलमार्किंग स्वैच्छिक है। बड़े ज्वैलर्स आमतौर पर हॉलमार्क कराई हुई चांदी ही बेचते हैं। बाजार में 40, 50 और 60 प्रतिशत शुद्धता वाली चांदी भी उपलब्ध है, लेकिन 80 प्रतिशत से ऊपर की चांदी को ही हॉलमार्क क्वालिटी माना जाता है।

उन्होंने बताया कि सोने की तुलना में चांदी सस्ती होती है और इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण इतनी मात्रा में चांदी की हॉलमार्किंग फिलहाल अनिवार्य नहीं की जा सकी है। चांदी खरीदते समय थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। सिर्फ चमक देखकर या सस्ती कीमत के लालच में आकर चांदी न खरीदें। हॉलमार्क, शुद्धता ग्रेड, कीमत और भरोसेमंद ज्वैलर इन चार बातों पर ध्यान देकर आप असली चांदी खरीद सकते हैं और ठगी से बच सकते हैं। बढ़ती कीमतों के इस दौर में जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। चांदी की कीमतें, शुद्धता और हॉलमार्किंग से जुड़े नियम समय व बाजार के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी प्रकार का निवेश या खरीदारी करने से पहले संबंधित ज्वैलर, प्रमाणित प्रयोगशाला या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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