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Madhya Pradesh News: भोजशाला में बनेगा भव्य सरस्वती लोक, राजा भोज शोध संस्थान भी स्थापित होगा: सीएम मोहन यादव
Madhya Pradesh News: सीएम मोहन यादव ने धार की भोजशाला में भव्य सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान स्थापित करने की घोषणा की।
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भोपाल, 2 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनाएगी, यहां राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जाएगी। मंत्रि परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है।
उन्होंने कहा कि यहां दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जाएगी।उन्होंने कहा कि भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों बनसिंह, अंतरसिंह एवं लक्मृण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से जीवायएएन मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने समान नागरिकता संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समिति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।मुख्यमंत्री यादव ने मंत्रिगण को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
--आईएएनएस
एसएनपी/एएसएच


