मेघालय के सियासी मैदान में बड़ा फेरबदल! एक साथ आठ मंत्रियों ने दिया इस्तीफ़ा

NPP, UDP, HSPDP और BJP के मंत्रियों ने दिया इस्तीफा दे दिया है, इससे प्रदेश में नए चेहरों को जगह मिल सकती है। साथ ही प्रदेश के नए मंत्री आज शाम शपथ लेंगे।

Manu Shukla
Published on: 16 Sept 2025 6:08 PM IST
8 ministers resigned in meghalaya
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8 ministers resigned in meghalaya 

Meghalaya news: मेघालय में इस समय सियासी हलचल काफ़ी तेज हो गई है। बीजेपी गठबंधन की सरकार वाले इस राज्य में बारह में से आठ मंत्रियों ने अचानक से इस्तीफा दे दिया है। जिन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है, उनमें एनपीपी, यूडीपी, एचएसपीडीपी और बीजेपी के मंत्री शामिल हैं। इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में एनपीपी के अम्पारीन लिंगदोह, कॉमिंगोन यम्बोन, रक्कम ए. संगमा और अबू ताहिर मंडल, यूडीपी के पॉल लिंगदोह और किरमेन शायला, एचएसपीडीपी के शकलियार वारजरी और बीजेपी के ए एल हेक शामिल हैं। हालाँकि मेघालय में इस समय नेशनल पीपुल्स पार्टी की सरकार है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री कोनराड संगमा कर रहे हैं। इस सरकार में कई दल शामिल हैं। यह सरकार मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस नामक गठबंधन पर आधारित है। यह गठबंधन 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद बना था। 60 सदस्यीय विधानसभा में कुल 12 मंत्री थे और इससे ज्यादा नहीं हो सकते हैं। इनमें से 8 ने इस्तीफा दिया है।

कैबिनेट विस्तार से पहले मेघालय में मंत्रियों के साथ ऐसा इसलिए किया गया ताकि मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सके। नए मंत्रियों को आज शाम पांच बजे राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी। मेघालय में कैबिनेट फेरबदल के पीछे कई वजहें है। सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल सहयोगी पार्टियों को साधने के लिए किया जा रहा है। जिससे मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस में सभी का संतुलन बना रहे और सभी तबकों को उसका प्रतिनिधित्व मिल सके। एनपीपी विधायक वैलादमिकी शायला, सोस्थनीस सोहतुन, ब्रेनिंग ए. संगमा और टिमोथी डी शिरा मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। इसके अलावा यूडीपी प्रमुख मेतबाह लिंगदोह और पूर्व मंत्री लखमेन रिम्बुई के भी शपथ लेने की संभावना है। एचएसपीडीपी विधायक मेथोडियस दखार मंत्रिमंडल में शकलियार वारजरी की जगह लेंगे, जबकि बीजेपी के सनबोर शुल्लई मंत्रिमंडल में एएल हेक की जगह लेंगे।

मंत्र‍िमंडल में बदलाव की क्‍या वजह

मेघालय में कैबिनेट पुर्नगठन के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, यह रीसफल क्षेत्रीय संतुलन साधने, सहयोगी दलों को संतुष्ट करने और आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। एक वजह यह भी है क‍ि सभी हिस्सों और समुदायों को प्रतिनिधित्व मिल सके। मेघालय जैसे विविधतापूर्ण राज्य में यह और भी अहम हो जाता है। साथ ही नए चेहरों को शामिल करने से जनता में सरकार के प्रति भरोसा और ऊर्जा का संदेश देने की कोशिश होती है।

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Manu Shukla is a Former News Publisher at Newstrack.com.

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