एक्‍सपर्ट से जानें क्यों गलत पार्टनर चुनते हैं हम

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आपको अपने दोस्‍तों में या आस-पास कई ऐसे र‍िश्‍ते द‍िख जाएंगे, ज‍िन्‍हें देखते ही आप बड़ी आसानी से कह देते हैं, 'क्‍या देखा इसने इसमें?
पुराने जमाने में अक्‍सर ऐसे र‍िश्‍तों के बारे में कहा जाता था, 'उसकी अक्‍ल पर पत्‍थर पड़े हैं'
पुराने जमाने की कहावत काफी हद तक सही भी है. इस सबका आपकी अक्‍ल से भी संबंध है.
आइए जानते हैं एक्‍सपर्ट से कि अक्सर हम पार्टनर को क्यों गलत चुन कर लेते हैं.
एक्सपर्ट बताते हैं कि मान लिजिए आपने बचपन से हॉरर फिल्‍में ही देखी हैं और आपका द‍िमाग ऐसी फिल्‍मों से ज्‍यादा फैमील‍ियर है तो बड़े होकर भी आप उसी तरह की फिल्‍मों की तरफ ख‍िंचे चले जाएंगे.
रिश्ते में भी ऐसा ही है. अगर बचपन में आपको अपने र‍िश्‍तों में इग्‍नोर महसूस हुआ है आपकी भावनाओं को महत्‍व नहीं द‍िया गया है, तो धीरे-धीरे आप इसके प्रति फैमील‍ियर हो जाते हैं.
बड़े होकर भले ही आपको एक मेच्‍योर या केयर‍िंग पार्टनर म‍िल जाए, लेकिन फिर भी आप उसी तरह की ब‍िहेव करते हैं. क्‍योंकि आपका द‍िमाग ऐसी चीजों के प्रति ही फैमील‍ियर है.
आप ज‍िस तरह के र‍िश्‍ते बचपन में अपने आस-पास देखते हैं, आगे चलकर आप भी उसी तरह का र‍िश्‍ता तैयार करते हैं क्‍योंकि आपका मस्‍त‍िष्‍क उसे ही अपना मानता है.
ऐसे में कोई भी देखकर बता सकता है कि आप एक गलत र‍िश्‍ते में है, पर फिर भी हम उसी तरह के र‍िश्‍ते में बने रहते हैं.
मस्‍तिष्‍क की बात करें तो याद रखिए कि मानव का ब्रेन हमेशा उन चीजों के प्रति आकर्षित होता है, जो उसे जानी-पहचानी लगती हैं न कि उनके प्रति जो उसके ल‍िए सही होती हैं.