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Electric Scooter Range: चार्ज खत्म होने की टेंशन खत्म! ऐसे पाएं इलेक्ट्रिक स्कूटर से ज्यादा रेंज
Electric Scooter Range: इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है? जानिए राइडिंग स्टाइल, बैटरी केयर और मेंटेनेंस से रेंज बढ़ाने के आसान और असरदार तरीके
How to Get More Mileage on a Single Charge
Electric Scooter Range: देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर तेजी से लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। पेट्रोल के बढ़ते दाम, कम चलने का खर्च और पर्यावरण को होने वाला फायदा इसकी सबसे बड़ी वजह हैं। कहा जाता है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर को रोजाना चलाने का खर्च सिर्फ 3 से 4 रुपये तक आता है। इसके बावजूद ज्यादातर राइडर्स की एक ही शिकायत रहती है कि कंपनी जितनी रेंज का दावा करती है, उतनी रेंज स्कूटर नहीं दे पाता। कई बार तो बैटरी बीच रास्ते में ही खत्म हो जाती है। लेकिन अगर सही तरीके से देखभाल और राइडिंग की जाए, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर से बेहतर रेंज पाना बिल्कुल संभव है। आइए जानते हैं तरीका...
नियमित रखरखाव से बढ़ती है स्कूटर की क्षमता
इलेक्ट्रिक स्कूटर भी एक मशीन है और इसे भी नियमित देखभाल की जरूरत होती है। अगर स्कूटर की सफाई, सर्विस और जांच समय पर न की जाए, तो उसकी परफॉर्मेंस धीरे-धीरे गिरने लगती है। धूल-मिट्टी जमने से मोटर और अन्य पार्ट्स पर असर पड़ता है, जिससे बैटरी ज्यादा ऊर्जा खर्च करने लगती है। इसलिए स्कूटर को साफ रखना, ढीले पुर्जों को कसवाना और समय-समय पर सर्विस कराना रेंज बढ़ाने में मदद करता है।
बैटरी की सही देखभाल है सबसे अहम
इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज पूरी तरह उसकी बैटरी पर निर्भर करती है। अगर बैटरी स्वस्थ है, तो स्कूटर बेहतर दूरी तय करेगा। बैटरी को बार-बार पूरी तरह डिस्चार्ज होने देना उसकी उम्र को कम कर देता है। बेहतर यही है कि बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत चार्ज के बीच रखा जाए। इसके अलावा, बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में स्कूटर को लंबे समय तक खड़ा करने से भी बैटरी पर बुरा असर पड़ता है। हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए चार्जर का ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि बैटरी सुरक्षित रहे।
टायर के सही प्रेशर से बचती है बैटरी
अक्सर लोग टायरों के एयर प्रेशर को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसका सीधा असर स्कूटर की रेंज पर पड़ता है। अगर टायरों में हवा कम होगी, तो स्कूटर को चलने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इससे मोटर ज्यादा बिजली खींचेगी और बैटरी जल्दी खत्म होगी। नियमित रूप से टायर प्रेशर की जांच कराना और उसे सही स्तर पर रखना, रेंज बढ़ाने का आसान तरीका है।
राइडिंग स्टाइल बदलने से मिलता है ज्यादा माइलेज
जिस तरह पेट्रोल स्कूटर में तेज रफ्तार से माइलेज कम हो जाता है, वैसे ही इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आक्रामक राइडिंग से रेंज घटती है। बार-बार तेज एक्सीलरेशन करना और अचानक ब्रेक लगाना बैटरी को जल्दी खत्म कर देता है। अगर स्कूटर को आरामदायक और संतुलित गति से चलाया जाए, तो बैटरी की खपत कम होती है। ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटरों में ईको मोड दिया जाता है, जो रोजमर्रा की सवारी के लिए सबसे बेहतर होता है।
रास्ते का चुनाव भी करता है फर्क
हर सड़क इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए एक जैसी नहीं होती। ऊबड़-खाबड़ रास्तों, गड्ढों और चढ़ाई वाले रूट पर स्कूटर ज्यादा बिजली खर्च करता है। वहीं, चिकनी और समतल सड़कों पर स्कूटर कम ऊर्जा में ज्यादा दूरी तय कर लेता है। अगर संभव हो, तो ऐसे रास्तों का चुनाव करें जहां कम ब्रेक लगाना पड़े और ट्रैफिक भी कम हो।
ओवरलोडिंग से घटती है रेंज
इलेक्ट्रिक स्कूटर की एक तय वजन सीमा होती है। तय सीमा से ज्यादा वजन होने पर मोटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका असर सीधे बैटरी की खपत पर पड़ता है और रेंज कम हो जाती है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में गैर-जरूरी सामान ढोने से बचें और स्कूटर को ओवरलोड न करें।
आधुनिक फीचर्स भी बढ़ाते हैं रेंज
आज के नए इलेक्ट्रिक स्कूटर रीजेनरेटिव ब्रेकिंग जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। इसमें ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा दोबारा बैटरी में चली जाती है, जिससे रेंज थोड़ी बढ़ जाती है। इसके अलावा, अगर स्कूटर स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस है, तो उसका सॉफ्टवेयर समय-समय पर अपडेट कराते रहना चाहिए। कई बार कंपनियां अपडेट के जरिए बैटरी मैनेजमेंट को बेहतर कर देती हैं।
अगर आपका इलेक्ट्रिक स्कूटर बीच रास्ते में धोखा दे देता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही रखरखाव, समझदारी भरी राइडिंग और कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपने स्कूटर की रेंज को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। थोड़ी सावधानी न सिर्फ आपकी यात्रा को आरामदायक बनाएगी, बल्कि स्कूटर और बैटरी की उम्र भी बढ़ाएगी।


