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Aligarh News : अलीगढ़ में CISF जवानों को साइबर ठगी से बचने के गुर, डिजिटल अरेस्ट कॉल को बताया फर्जी
Aligarh News : अलीगढ़ में साइबर क्राइम टीम ने CISF जवानों को डिजिटल अरेस्ट, OTP फ्रॉड और AI आधारित साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए।
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Aligarh News: जनपद थाना साइबर क्राइम टीम ने मंगलवार 3 जून 2026 को जवां क्षेत्र स्थित CISF यूनिट HTPPK कासिमपुर में साइबर जागरुकता कार्यक्रम चलाया। इस दौरान CISF के अधिकारियों व कर्मचारियों को मौजूदा दौर के साइबर अपराधों और उनसे बचाव के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बताया कि ठग अब मोबाइल सिम व बैंक खाता अपडेट करने के नाम पर OTP व ATM डिटेल लेकर खाते खाली कर रहे हैं। गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च करने पर फर्जी नंबर मिलते हैं, जहां बात करते ही ठगी हो जाती है। फेसबुक-व्हाट्सएप पर दोस्ती कर वीडियो कॉल से अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और OLX पर सामान खरीद-बेचने के बहाने पेमेंट लिंक भेजकर धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं।
टीम ने आगाह किया।कि अब साइबर अपराधी AI का इस्तेमाल कर परिचितों की आवाज और चेहरा कॉपी कर वीडियो कॉल पर पैसों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कॉल आने पर संबंधित व्यक्ति से खुद फोन कर पुष्टि जरूर करें। वहीं ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाली कॉल पूरी तरह फर्जी हैं। ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताकर झूठी शिकायत का डर दिखाते हैं और घर से न निकलने की धमकी देते हैं। पुलिस कभी भी इस तरह डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, ऐसी कॉल को तुरंत इग्नोर करें।
बचाव के लिए सुझाव दिया गया। कि अनजान नंबर से परिचित बनकर आई कॉल पर भरोसा न करें, सिम-खाता अपडेट की कॉल से बचें और कस्टमर केयर नंबर हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही लें। CISF कर्मियों से कहा गया कि वे यह जानकारी बैंक ग्राहकों और परिवार तक भी पहुंचाएं।
अलीगढ पुलिस ने बताया। कि साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या http://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। त्वरित सूचना से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य जवानों को सतर्क कर साइबर अपराध की रोकथाम करना था।


