Amroha News: मनरेगा योजना में गड़बड़ी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन पर लगा घोटाले का आरोप

Amroha News: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना का नाम घोटाले में सामने आया है। आरोप है कि शबीना अमरोहा में मनरेगा के तहत बगैर मजदूरी किए पैसे ले रही थीं।

Gausiya Bano
Published on: 26 March 2025 5:19 PM IST (Updated on: 26 March 2025 5:30 PM IST)
Cricketer mohammad shami sister registered under mgnrega scheme fraud in amroha
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क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना पर लगा फर्जीवाड़े के आरोप 

Amroha News: अमरोहा जिले से मनरेगा योजना में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इसमें क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन का नाम भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, क्रिकेटर की बहन शबीना का नाम मनरेगा स्कीम में शामिल था और वह खुद को मजदूर बताकर पैसे ले रही थीं। इस घोटले में शबीना के अलावा उनके ससुराल पक्ष के लोगों का नाम भी सामने आया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला अमरोहा के पलोला गांव का है, जहां शबीना रहती हैं। इस गांव की प्रधान शबीना की सास गुले आयशा हैं। उन्होंने अपनी बहू शबीना समेत परिवार के अन्य लोगों के नाम पर मनरेगा जॉब कार्ड बनवाया हुआ था। और बिना मजदूरी के ही उनके अकाउंट में पैसे आ जाते थे। सरकारी दस्तावेजों में भी शबीना का नाम रजिस्टर्ड दिखाया गया है। शबीना पर आरोप है कि साल 2021 से 2024 तक वह मनरेगा का भुगतान लेती रहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शबीना के बैंक अकाउंट में इस स्कीम के तहत 70,000 रुपये आए हैं। जिसकी रिकवरी अब उनके परिवार से की जाएगी।

गांव वालों ने क्या कहा?

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोटाले को लेकर गांव के लोगों ने कहा कि ग्राम प्रधान ने अपने परिवार के अलावा सैकड़ों फर्जी खाते खोलकर सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल किया है। वहीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवार की तरफ से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया

इस घोटाले में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन का नाम आने से फैंस हैरान हैं और कई तरह के सवाल कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले पर मोहम्मद शमी या उनकी बहन शबीना की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य ने कोई बयान दिया है।

क्या है मनरेगा?

केंद्र सरकार की तरफ से मनरेगा योजना चलाई जाती है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेरोजगार परिवार और गरीबों को 100 दिनों के लिए रोजगार दिया जाता है। इसके तहत मजदूरों को दिहाड़ी के आधार पर पैसे मिलते हैं।

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Gausiya Bano

Gausiya Bano is a Multimedia Journalist based in Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, currently serving as Desk In-Charge at Newstrack. She holds a postgraduate degree in Journalism from Makhanlal Chaturvedi National University, Bhopal, Madhya Pradesh. With over 2.5 years of experience, she has worked with leading organizations including Rajasthan Patrika and NewsBytes. She has expertise in news desk operations, reporting and digital journalism. At Newstrack She oversees content management, ensures editorial accuracy and coordinates with reporters to maintain high newsroom standards. Passionate about ethical reporting and adapting to the evolving media landscape, Gausiya Bano continues to grow as a dedicated and responsible journalist.

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