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Auraiya News: पक्षी विहार को इको-टूरिज्म हब बनाने की तैयारी तेज, डीएम ने किया निरीक्षण
Auraiya News: पक्षी विहार को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। डीएम ने स्थल का निरीक्षण कर सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों की समीक्षा की।
Auraiya News(Photo-Social Media)
Auraiya News: औरैया जनपद में स्थित पक्षी विहार को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने हाल ही में पक्षी विहार का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की भौगोलिक स्थिति, पर्यटन संभावनाओं और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
जिलाधिकारी ने वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पक्षी विहार के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जल स्रोतों, वन्यजीवों की गतिविधियों, संवेदनशील क्षेत्रों तथा उपलब्ध भूमि का जायजा लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उन स्थानों की जानकारी दी जहां पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की सबसे अधिक गतिविधियां देखी जाती हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों की प्राकृतिक संरचना को किसी भी स्थिति में क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए और विकास कार्यों की योजना उसी के अनुरूप बनाई जाए।
निरीक्षण के दौरान इको-टूरिज्म गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पक्षी विहार को पर्यटन के आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन करना आवश्यक होगा। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे स्थानों की पहचान करने को कहा जहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जा सकें और प्राकृतिक आवास पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
राजस्व अभिलेखों के आधार पर 2 से 6 हेक्टेयर तक उपलब्ध भूमि के सत्यापन के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी भूमि को प्राथमिकता दी जाए जहां पर्यटकों की पहुंच आसान हो और विकास कार्यों के लिए कम से कम हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। इसके अलावा पक्षी विहार की अधिसूचित सीमा और प्रबंधन योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिसूचित क्षेत्र के भीतर होने वाले सभी निर्माण कार्यों में वैधानिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन की इस पहल से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।


