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Ayodhya :अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में धूमधाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026
Ayodhya News : अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 धूमधाम से मनाया गया, विशेषज्ञों ने सांस्कृतिक विरासत पर रखे विचार
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Ayodhya News : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, नया घाट स्थित निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय (ARKS) में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 बड़े ही भव्य और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (ICOM) की इस वर्ष की वैश्विक थीम “एक विभाजित विश्व को जोड़ते संग्रहालय” पर केंद्रित रहा, जिसमें देश के इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, शिक्षाविदों और कला संरक्षण विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि Himanshu Shekhar Singh, अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के निदेशक Sanjeev Kumar Singh तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर शंखनाद और मंगलाचरण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। मंच संचालन संग्रहालय की सहायक क्यूरेटर ऋचा रानी ने किया।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने संग्रहालय में विकसित की जा रही अत्याधुनिक 20 दीर्घाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह संग्रहालय भारतीय संस्कृति और रामायण परंपरा को विश्व स्तर पर नई पहचान देगा।प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने आधुनिक तकनीकी युग में संग्रहालयों की आवश्यकता और उनकी सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के शोधार्थी मयंक चौहान ने विभिन्न प्राचीन स्रोतों के माध्यम से भगवान राम की वैश्विक विरासत के प्रमाण प्रस्तुत किए।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के सलाहकार राज्यवर्धन सिंह ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत अब अपनी विरासत को सुरक्षित रखने में सक्षम और सजग है। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार दुबे ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा को संग्रहालयों की भूमिका से जोड़ा।कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के संरक्षणविद् डॉ. सत्येंद्र कुमार ने ऐतिहासिक वस्तुओं के वैज्ञानिक संरक्षण पर जानकारी दी। वहीं विश्व हिंदू परिषद के शिवदास सिंह ने राम मंदिर आंदोलन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण संग्रहालय के वरिष्ठ कर्मचारी राम दयाल तिवारी का वक्तव्य रहा। उन्होंने वर्ष 1988 से अब तक संग्रहालय की यात्रा, स्थानांतरण और विकास के 33 वर्षों के अनुभव साझा किए।समापन पर सहायक क्यूरेटर प्रगति यादव ने सभी अतिथियों, पत्रकारों, कर्मचारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शोधार्थी, विद्यार्थी, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


