UP News: बृजभूषण के गढ़ में विनेश फोगाट! रेसलिंग टूर्नामेंट के लिए लिया रामलला का आशीर्वाद, अब गोंडा में दिखाएंगी दम

Vinesh Phogat Ayodhya visit: रामलला का आशीर्वाद लेकर बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ गोंडा पहुंचीं विनेश फोगाट! नेशनल रेसलिंग टूर्नामेंट से पहले बढ़ा सस्पेंस. क्या खेलेंगी या WFI का नोटिस बनेगा रोड़ा? जानिए पूरा मामला।

Harsh Srivastava
Published on: 11 May 2026 6:56 PM IST (Updated on: 11 May 2026 7:12 PM IST)
UP News: बृजभूषण के गढ़ में विनेश फोगाट! रेसलिंग टूर्नामेंट के लिए लिया रामलला का आशीर्वाद, अब गोंडा में दिखाएंगी दम
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Vinesh Phogat Ayodhya visit: हरियाणा की शेरनी और स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। सोमवार को विनेश अयोध्या पहुंचीं, जहां उन्होंने रामलला और हनुमंत लला के दरबार में मत्था टेककर जीत का आशीर्वाद मांगा। लेकिन यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सियासी और खेल से जुड़ा घटनाक्रम छिपा है। अयोध्या में प्रभु श्री राम का आशीर्वाद लेने के बाद विनेश सीधे गोंडा के नंदिनी नगर के लिए रवाना हुईं। दिलचस्प बात यह है कि इसी नंदिनी नगर में 'नेशनल ओपन रेसलिंग रैंकिंग टूर्नामेंट' आयोजित हो रहा है और यह वही जगह है जो भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का मजबूत किला मानी जाती है।

दुश्मन के घर में 'दंगल': मानसिक मजबूती की परीक्षा

विनेश फोगाट और बृजभूषण शरण सिंह के बीच का विवाद किसी से छिपा नहीं है। यौन शोषण के आरोपों को लेकर विनेश ने दिल्ली की सड़कों पर महीनों तक लंबा आंदोलन किया था। अब नियति का खेल देखिए कि जिस बृजभूषण के खिलाफ उन्होंने बिगुल फूंका था, उन्हीं के विद्यालय परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में विनेश को उतरना पड़ रहा है। मीडिया से बातचीत में विनेश ने स्वीकार किया कि उस परिसर में जाकर खेलना उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि "एक खिलाड़ी को वहीं जाना पड़ता है जहां प्रतियोगिता होती है, चाहे वह जगह कोई भी हो।"

नोटिस और पाबंदी का साया: खेलेंगी या नहीं?

विनेश की वापसी की राह इतनी आसान नहीं दिख रही है। भारतीय कुश्ती संघ (WFI) ने उन्हें एक लंबा कारण बताओ नोटिस थमाया है और 26 जून 2026 तक उनके खेलने पर संशय बरकरार है। संघ का कहना है कि संन्यास से वापसी के बाद 6 महीने का नोटिस पीरियड अनिवार्य है। जब विनेश से उनकी भागीदारी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा, "देखा जाएगा कि खेलती हूं या नहीं।" हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वे डटकर अपना पक्ष रखेंगी और मेहनत करना नहीं छोड़ेंगी। उनके हालिया शायरी वाले सोशल मीडिया पोस्ट भी इस बात का गवाह हैं कि उनके भीतर की आग अभी ठंडी नहीं हुई है।

रामलला से अर्जी: मनोकामना होगी पूरी

अयोध्या में विनेश का अंदाज काफी शांत लेकिन आत्मविश्वास से भरा दिखा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि "प्रभु राम ने आशीर्वाद देने के लिए बुलाया है।" उन्हें पूरा भरोसा है कि रामलला की धरती पर आने से उनकी हर मनोकामना पूरी होगी। विनेश का एकमात्र लक्ष्य देश के लिए फिर से मेडल जीतना है। गोंडा में वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन की बाधाओं के बावजूद, विनेश का वहां पहुंचना उनके फौलादी इरादों को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि कुश्ती की इस जंग में 'लेडी सिंघम' अपनी पुरानी लय वापस पा पाती हैं या प्रशासन और संघ की पेचीदगियां उनके सफर में रोड़ा बनेंगी।

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Harsh Srivastava

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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