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बदचलन थी इसलिए काट डाला..., बदायूं सोनम हत्याकांड का रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा
Budaun Murder Case: वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लहरा लहाड़पुर में 16 वर्षीय नाबालिग सोनम की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
Budaun Murder Case
Budaun Murder Case: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से सामने आया एक हृदयविदारक हत्याकांड न केवल अपराध की क्रूरता को उजागर करता है, बल्कि समाज की उस सोच पर भी गहरा सवाल खड़ा करता है, जिसमें ‘इज्जत’ के नाम पर रिश्तों की हत्या कर दी जाती है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लहरा लहाड़पुर में 16 वर्षीय नाबालिग सोनम की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया, क्योंकि हत्या का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि खुद उसके पिता इकरार पर लगा है।
29 दिसंबर को खेतिहार इलाके में सरसों के खेत से सोनम का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। शव की हालत इतनी भयावह थी कि मौके पर पहुंचे ग्रामीण सन्न रह गए। सिर और पैर स्पष्ट दिख रहे थे, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा जंगली जानवरों द्वारा नोचे जाने की आशंका जताई गई। देखते ही देखते गांव में सनसनी फैल गई और घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
अचानक घर से लापता हो गई थी सोनम
जांच के दौरान सामने आया कि सोनम 19 दिसंबर की रात अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश करने का दावा किया, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि उसके साथ इतना खौफनाक अंजाम जुड़ा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस की जांच को नई दिशा दी, जिसमें साफ हुआ कि सोनम की मौत गला रेतने से हुई थी। इसके बाद पुलिस का शक परिवार के भीतर ही गहराने लगा।
करीब दस दिनों तक परिवार ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और हत्या का संदेह किसी अज्ञात व्यक्ति पर डालते रहे। लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर जब सख्ती से जांच शुरू हुई, तो पिता इकरार समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में इकरार टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस पूछताछ में इकरार ने बताया कि 19 दिसंबर की रात सोनम उसे ट्यूबवेल के पास मिली थी। वहां पिता-बेटी के बीच तीखी बहस हुई। बेटी के कथित प्रेम संबंधों और समाज में बदनामी के डर ने एक पिता की सोच को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने हंसिए से अपनी ही बेटी का गला रेत दिया। हत्या के बाद शव को सरसों के खेत में फेंक दिया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हंसिया भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या समाज की झूठी इज्जत किसी नाबालिग की जिंदगी से बड़ी हो सकती है। बदायूं का यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है, जिसने एक पिता को कातिल और एक बेटी को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।


