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Banda News : 16-20 जनवरी तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री हनुमंत कथा से जगाएंगे आस्था का डंका
Banda News : बांदा में आस्था का कुंभ, 16 से 20 जनवरी तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन करेंगे
Banda Dhirendra Shastri Hanuman Katha
Banda News. संगम की रेती पर माघ महोत्सव की धूम है। गलन में भजन की गूंज है। जबकि बांदा की धरती में आस्था के कुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 16 से 20 जनवरी तक बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री सनातन का डंका बजाएंगे। अखंड भारत की अलख जगाएंगे। शास्त्री की हनुमंत कथा की भव्य तैयारियों से आयोजक प्रवीण सिंह लोगों की जुबां पर चढ़े हैं। धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की कोशिशों के राजनैतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। सत्ता पक्ष के एक खेमे में हलचल छुपाए नहीं छिपती। आयोजन में प्रशासनिक उदारता भी देखते बनती है।
सनातन विरोधियों की बंधेगी ठठरी, गूंजेगा भगवा ए हिंद
कथा स्थल के लिए मवई बाइपास पर करीब सवा सौ बीघा भूमि का समतलीकरण कराकर विशाल पांडालों का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। रोजाना करीब लाख लोगों के लिए रसोई भी बनी है। बाहर से आने वालों को ठहरने का इंतजाम है। समीप का एक होटल पंडित धीरेंद्र शास्त्री और उनकी टीम के लिए आरक्षित किया गया है। पांच दिन बांदा ठहरकर धीरेंद्र शास्त्री तकरीबन 10 जिलों के श्रोताओं को हनुमंत कथा का प्रसाद बांटेंगे। चिरपरिचित अंदाज में न केवल सनातन विरोधियों की ठठरी बांधेंगे, बल्कि भगवा ए हिंद का नारा भी बुलंद करेंगे। इससे पहले 15 फरवरी को कलश यात्रा से बांदा शहर को मथने की तैयारी है।
गांव-गांव गली-गली अक्षत वितरण के बीच सदर MLA को दिया न्यौता
आयोजन के जरिए बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन संस्थापक प्रवीण सिंह एकाएक प्रभावशाली भाजपा नेता बनकर उभरे हैं। इसलिए नहीं कि जिले के इतिहास में अब तक का सबसे विशाल और दिव्य भव्य धार्मिक आयोजन का बीड़ा उठाया है, बल्कि इसलिए भी कि आयोजन में शासन प्रशासन का सहयोग लेने में भी सफल हुए हैं।
जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद आयोजन के संरक्षक हैं। प्रवीण ने गांव-गांव गली-गली अक्षत बांट आयोजन समेत खुद को चर्चा का विषय बना दिया है। उन्होंने आम ओ खास सभी को न्यौता है। उन्होंने सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी भी उनके घर जाकर कथा श्रवण का निमंत्रण दिया। द्विवेदी खुद बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर के मुरीद हैं। गदगद हो गए।
MLA समर्थक निकाल रहे आयोजन के राजनैतिक निहितार्थ
लेकिन विडंबना देखिए कि द्विवेदी के समर्थक आयोजन को सदर विधानसभा से प्रवीण सिंह की दावेदारी की सुनियोजित कवायद बताते नहीं अघाते। एक समर्थक कहते हैं, यह तथ्य है कि सदर विधानसभा से सर्वाधिक 6 बार क्षत्रिय उम्मीदवार जीते हैं। इसे भुनाने की कोशिश आयोजन में निहित हो तो ताज्जुब नहीं होना चाहिए।
इसके चलते आयोजन को क्षत्रिय समाज का आयोजन बताने में भी गुरेज नहीं हो रहा। क्षत्रियों में अलग किस्म का उत्साह शायद इसे बल देता है। लेकिन पत्रकार से प्रगतिशील किसान बने धर्मराज सिंह कहते हैं, यह तो पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा है। प्रवीण सिंह निमित्त मात्र हैं। समाज के सभी हिस्सों के सहयोग के बिना ऐसे भव्य दिव्य आयोजन आसान नहीं होते। कांट्रेक्टर शिव मोहन सिंह कहते हैं, शहर गांव और देहात तक लगी होर्डिंग सर्व समाज के आयोजन की मुनादी हैं। धार्मिक कार्यक्रम में राजनीति खोजने से बचने की जरूरत है।


