Banda धीरेंद्र शास्त्री का बयान: 4 बच्चे पैदा करो, वेद पढ़ाओ वरना मिट जाओगे

Banda धीरेंद्र शास्त्री का बयान: हिंदुओं से चार बच्चे पैदा करने और वेद पढ़ाने की अपील, गुरुकुल स्थापना और बेरोजगारी पर भी बड़ा बयान दिया।

Om Tiwari
Published on: 16 Jan 2026 6:35 PM IST
Dhirendra Shastri Statement in Banda
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Dhirendra Shastri Statement in Banda (Image Social Mediai)

Banda News. बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का हवाई जहाज गुरुवार रात चित्रकूट हवाई पट्टी में लैंड हुआ। रात्रि में ही कामदगिरि की परिक्रमा कर बाई रोड बांदा पहुंचे। होटल में विश्राम कर शुक्रवार दोपहर पत्रकारों से मुखातिब हुए। कथा आयोजक प्रवीण सिंह की पीठ थपथपाई। उन्हें सनातन का सच्चा सिपाही करार दिया। फिर चिरपरिचित शैली में हिंदुओं को चेताया- चार बच्चे पैदा करो, वर्ना बांग्लादेश की तरह मिट जाओगे। वेद नहीं पढ़ोगे तो बच्चे जावेद और नावेद बनेंगे। उन्होंने कहा, वैदिक शिक्षा के लिए हर जिले में गुरुकुल बनाना भारत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। बाद में उन्होंने हनुमंत कथा का श्रीगणेश कर बुंदेली लहजे में लोगों को खूब गुदगुदाया।

हम नहीं जाते काबा तो बाबा के पास काहे आएं मुस्लिम, फिर लगाया ठहाका

मवई बाइपास पर कथास्थल के समीप एक होटल में ठहरे पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पत्रकारों से कहा, हिंदुओं को अपना फोकस संख्या बढ़ाने पर केंद्रित करना होगा। हर हिंदू चार बच्चे पैदा करे। अन्यथा, बांग्लादेश देश की तरह मिट जाओगे। यह चेतने का समय है। नहीं चेते तो परिणाम भयानक होंगे। एक सवाल पर उन्होंने कहा, उनकी कथा में सभी का स्वागत है। लेकिन हम काबा नहीं जाते तो मुस्लिम बाबा के पास काहे आएं। फिर ठहाका भी लगाया। मौजूद लोगों ने जयश्री राम का जयकारा लगाया।

बच्चों को वेदपाठी न बनाया तो ग से गधा पढ़ गधे बनना ही नियति

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर शास्त्री ने कहा, विदेशी आक्रांताओं ने गुरुकुलों का विनाश कर हमें गहरी चोट पहुंचाई। गुरुकुलों में जो बच्चे ग से गणित पढ़कर गणेश बनते थे, वे अब ग से गधा पढ़कर गधे ही बन रहे हैं। यह स्थिति बदलने की जरूरत है। हर जिले में गुरुकुल स्थापना भारत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। देश के अमीरों को भी आगे आना चाहिए। वह खुद अस्पताल के गुरुकुल बनवा रहे हैं। बच्चों को वेदपाठी बनाएंगे।

जाति नहीं-जातिवाद बुरा, सत्ता पक्ष-विपक्ष मिलकर खोजें बेरोजगारी का समाधान

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, जाति नहीं, जातिवाद बुरा है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर बेरोजगारी का समाधान निकालना होगा। बांदा जिले से ही व्यापक पलायन किसी से छिपा है क्या। इस दौरान उनके विशेष सहायक दीपक तिवारी और आयोजक प्रवीण सिंह अगल-बगल मौजूद रहे। संत महात्माओं की मौजूदगी भी नजर आई।

जनसमूह को कथा सरिता में डुबकियां लगवा लूटा जय-जय का खजाना

प्रेस कांफ्रेंस के बाद पंडित शास्त्री कथा स्थल पहुंचे और विशाल भीड़ का अभिवादन कर हनुमत चरित वाचन का श्रीगणेश किया। लेकिन कथा से ज्यादा विरोधियों की खबर लेते उनके बुंदेली लहजे ने लोगों को खूब गुदगुदाया। मसलन, 'हमने कौन कोऊ के बाप के बैलवा खोले, पै देखो तनक, लोगवा गारी देत न अघात।' उन्होंने कहा, यह सब चलता रहेगा। सनातन की मजबूती के लिए सब स्वीकार है। उन्होंने हनुमान चालीसा के आधार हनुमंत लला के रोचक प्रसंगों का वर्णन कर जनसमूह को भक्ति सरिता में डुबकियां लगवाईं। बदले में तालियां और लोगों की जय-जय का खजाना भी लूटा।

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