Banda News: ई-स्टाम्प वेंडरों की मनमानी वसूली का खुलासा, तहसील में खुलेआम लूट का आरोप

Banda News: बांदा की नरैनी तहसील में ई-स्टाम्प वेंडरों पर तय दर से अधिक वसूली के आरोप लगे हैं। अधिवक्ताओं और ग्राहकों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

Anwar Raza
Published on: 1 Jun 2026 7:55 AM IST
Arbitrary recovery of e-stamp vendors revealed, open looting alleged in tehsil
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 ई-स्टाम्प वेंडरों की मनमानी वसूली का खुलासा, तहसील में खुलेआम लूट का आरोप (Photo- Newstrack)

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के नरैनी तहसील सहित कई क्षेत्रों में ई-स्टाम्प वेंडरों द्वारा खुलेआम मनमानी वसूली किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि तहसील परिसर में जरूरतमंद लोगों से निर्धारित दरों से कई गुना अधिक कीमत वसूली जा रही है और यह पूरा खेल लंबे समय से बेखौफ तरीके से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील के जिम्मेदार अफसरों के सामने ही यह गोरखधंधा जारी रहता है लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

संगठित तरीके से वसूली का आरोप

नरैनी तहसील में ई-स्टाम्प बिक्री के लिए लगभग आधा दर्जन लोगों को लाइसेंस मिला हुआ है। आरोप है कि ये सभी वेंडर आपस में लामबंद होकर काम करते हैं और तहसील आने वाले वादकारियों, जमीन-जायदाद के काम से आने वाले लोगों और आम जरूरतमंदों से अधिक पैसा वसूलते हैं। बताया जा रहा है कि, नरैनी तहसील में रोजाना लगभग दो लाख रुपये तक के ई-स्टाम्प की खपत होती है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर स्टाम्प खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है।



दो गुना तक वसूली के गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों के मुताबिक वेंडर ई-स्टाम्प पर तय दरों को दरकिनार कर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। आरोप है कि दस रुपये का स्टाम्प बीस रुपये में, पचास रुपये का स्टाम्प सत्तर रुपये में और सौ रुपये का स्टाम्प एक सौ तीस रुपये तक में बेचा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से जारी है और विरोध करने पर वेंडरों और ग्राहकों के बीच कई बार कहासुनी भी हो जाती है।

तहसील में खुली लूट पर प्रशासन की चुप्पी

सबसे बड़ा सवाल यह है कि तहसील परिसर में चल रही इस कथित वसूली पर प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा है। आरोप है कि अधिकारियों के सामने ही यह पूरा खेल चलता है लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय अधिवक्ताओं और आम लोगों में इस व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

अधिवक्ता और ग्राहक ने लगाए आरोप

तहसील अधिवक्ता जय प्रकाश ने भी वेंडरों की मनमानी पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के साथ अन्याय बताया है। वहीं ग्राहक विनीत कुमार ने बताया कि ई-स्टाम्प के लिए उन्हें बार-बार ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं और विरोध करने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। बांदा की नरैनी तहसील में ई-स्टाम्प व्यवस्था को लेकर उठे ये गंभीर आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं और अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।

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