TRENDING TAGS :
Barabanki News: बाराबंकी पहुंचीं आनंदीबेन पटेल, संप्रेक्षण गृह में कंप्यूटर लैब का किया उद्घाटन
Barabanki News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाराबंकी के राजकीय बालिका संप्रेक्षण गृह में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने छात्राओं और किशोरियों को डिजिटल शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
Barabanki News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को बाराबंकी दौरे पर पहुंचीं। वह दोपहर करीब 12:15 बजे शहर की आवास विकास कॉलोनी स्थित राजकीय बालिका संप्रेक्षण गृह पहुंचीं, जहां उन्होंने नवनिर्मित कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किशोरियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल के आगमन पर खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश शर्मा सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, महिला कल्याण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।कंप्यूटर लैब के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल शिक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। तकनीकी ज्ञान युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करता है। उन्होंने बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।
उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशोरियों के लिए विशेष टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल ने टीकाकरण प्रक्रिया का अवलोकन किया और बालिकाओं से उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व पर भी जोर दिया।इसके बाद राज्यपाल ने संप्रेक्षण गृह में रह रही किशोरियों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।संवाद के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए कराटे जैसी विधाओं का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में उनकी रुचि हो, चाहे वह भरतनाट्यम, कथक, खेल, शिक्षा या कोई अन्य क्षेत्र हो, उसमें आगे बढ़कर अपनी पहचान बनानी चाहिए।
राज्यपाल ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि करीब 50 वर्ष पहले जब वह पढ़ाई के लिए जाया करती थीं, तब भी उन्हें विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर उन्होंने हमेशा दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने बालिकाओं को भी जीवन की कठिनाइयों से घबराने के बजाय साहस और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।कक्षा 11 की छात्रा सानिया ने बताया कि राज्यपाल ने उनसे पूछा कि वह भविष्य में क्या बनना चाहती हैं। इस पर उन्होंने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। राज्यपाल ने उन्हें मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की सलाह देते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
एक अन्य छात्रा ने बताया कि राज्यपाल ने उसके स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। छात्रा ने उन्हें बताया कि उसे पहले राज्यपाल की पहल पर साइकिल भी मिली थी, जिसके लिए उसने उनका धन्यवाद किया। जब राज्यपाल ने उससे उसके लक्ष्य के बारे में पूछा तो उसने आईएएस अधिकारी बनने की इच्छा जताई। इस पर राज्यपाल ने उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल का यह संवाद छात्राओं और किशोरियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। उन्होंने बच्चियों का उत्साहवर्धन करते हुए आत्मविश्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने का संदेश दिया।कार्यक्रम के समापन के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल दोपहर करीब 2:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। संप्रेक्षण गृह में स्थापित कंप्यूटर लैब से अब यहां रह रही बालिकाओं और किशोरियों को डिजिटल शिक्षा तथा तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे वे आधुनिक शिक्षा से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।


