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Bijnor News : बिजनौर के स्योहारा में सड़क किनारे बैठे ग्रामीणों को ट्रक ने मारी टक्कर, एक की मौत
Bijnor News : बिजनौर के स्योहारा में तेज रफ्तार ट्रक ने चाय के खोखे को मारी टक्कर, एक की मौत, चार गंभीर रूप से घायल।
Bijnor: Man Killed as Truck Rams Tea Stall in Syohara
Bijnor News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के स्योहारा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम कुरी बांगर में सड़क किनारे बने एक छोटे से चाय के खोखे पर बैठे ग्रामीणों को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। कुछ ही सेकंड में हंसी-मजाक और चाय की चुस्कियां मातम में बदल गईं।
पलभर में बिखर गईं खुशियां
ग्रामीणों के अनुसार, रोज की तरह गांव के कुछ लोग शाम के समय खोखे पर बैठकर चाय पी रहे थे। तभी तेज गति से आ रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे खोखे में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खोखा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वहां बैठे लोग दूर जा गिरे।
मौके पर गई एक जान
हादसे में नरेश कुमार (55 वर्ष), पुत्र मंगत सिंह, निवासी ग्राम कुरी बांगर की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी अचानक थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चार लोग गंभीर रूप से घायल
हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं:मोहित कुमार (13 वर्ष),अमर सिंह (70 वर्ष),राजू देवी (65 वर्ष),रूपराम सिंह (60 वर्ष)सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
चालक फरार, जांच जारी
टक्कर के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के पास स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।एक सामान्य सी चाय की बैठक, जो रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थी, अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गई। यह घटना तेज रफ्तार और लापरवाही की उस कीमत को दर्शाती है, जिसे कभी-कभी मासूम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।


