Bijnor News: आरोपियों ने अदालत में जज को ‘देख लेने’ की दी खुली धमकी, कार से कुचलकर की थी हत्या

Bijnor News: धामपुर में कार से कुचलकर की गई हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास, 25-25 हजार जुर्माना। फैसला सुनते ही कोर्ट में जज को दी खुली धमकी, बढ़ी सुरक्षा।

Faisal Khan
Published on: 27 Feb 2026 5:18 PM IST
Bijnor News: आरोपियों ने अदालत में जज को ‘देख लेने’ की दी खुली धमकी, कार से कुचलकर की थी हत्या
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Bijnor News: बिजनौर। करीब डेढ़ वर्ष पहले धामपुर क्षेत्र में हुई एक निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 19 मई 2024 को खेत पर काम कर रहे पुखराज सिंह को कार से कुचलकर मार डालने के मामले में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जयदीप और पिंटू चौहान को दोषी ठहराया। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

घटना की पृष्ठभूमि: मुकदमेबाजी से उपजी रंजिश

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक की बेटी अंजलि का विवाह आरोपी जयदीप के भाई प्रदीप से हुआ था। विवाह के बाद दहेज की मांग को लेकर अंजलि को प्रताड़ित किया गया। उसने ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए, जिनकी पैरवी उसके पिता पुखराज सिंह कर रहे थे। यही कानूनी लड़ाई धीरे-धीरे गहरी दुश्मनी में बदल गई।



दिनदहाड़े दिया वारदात को अंजाम

19 मई 2024 को पुखराज सिंह अपने खेत पर कार्य कर रहे थे। तभी कार से पहुंचे युवकों ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले मारपीट की, फिर उन्हें सड़क तक घसीटा और कार से कुचल दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने जयदीप, पिंटू चौहान और एक अन्य व्यक्ति की पहचान की थी।

जांच और अदालत में सुनवाई

पुलिस ने विवेचना के बाद जयदीप और पिंटू चौहान के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत में गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाणों को महत्वपूर्ण माना गया। मृतक की पत्नी रेनू की तहरीर और बेटी अंजलि की गवाही ने अभियोजन पक्ष को मजबूती दी।



फैसला सुनते ही तनाव

अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों ने कोर्ट परिसर में हंगामा किया। उन्होंने न्यायाधीश को धमकी तक दे डाली, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संबंधित न्यायिक अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

समाज के लिए संदेश

यह फैसला दर्शाता है कि निजी रंजिश और दहेज विवाद जैसे सामाजिक अपराध जब हिंसक रूप लेते हैं, तो कानून कठोर दंड देने में पीछे नहीं हटता। अदालत के इस निर्णय को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बाइट :-रितेश चौहान एडवोकेट

बाइट :-अजीत पवार एडवोकेट

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