Bijnor News: पिता की अंतिम इच्छा निभाकर अकूरन ने दोस्ती का फर्ज निभाया, शादी में भरा भात

Bijnor News: बिजनौर में अकूरन ने पिता की अंतिम इच्छा निभाते हुए दोस्ती की मिसाल पेश की और शादी में भात की रस्म अदा की

‪Rohit Tripathi‬
Published on: 21 Feb 2026 5:29 PM IST
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Bijnor News(Photo-Social Media)

Bijnor News: बिजनौर शहर के मोहल्ला नवाब का अहाता में रहने वाले सोमपाल सिंह मूल रूप से गांव शादीपुर के निवासी हैं। उनकी पत्नी ब्रजेश देवी का मायका गाजीपुर कुतुब में है। ब्रजेश देवी का कोई सगा भाई नहीं है। वर्षों पहले उनके पिता चतर सिंह और गांव के ही अल्लादिया के बीच गहरी मित्रता थी। दोनों मित्रों ने अपने जीवनकाल में यह संकल्प लिया था कि उनकी दोस्ती आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहनी चाहिए।

समय बीतने के साथ दोनों बुजुर्गों का निधन हो गया, लेकिन उनकी कही बात को परिवारों ने भुलाया नहीं। बृहस्पतिवार को जब ब्रजेश देवी के पुत्र शैंकी की शादी का शुभ अवसर आया, तो अल्लादिया की पुत्री अकूरन ने अपने पिता की सीख को याद करते हुए भात की जिम्मेदारी निभाई। वह अपनी भतीजी अकबरी, भतीजे शाकिब और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ विवाह समारोह में पहुंचीं। घर की दहलीज पर ब्रजेश देवी ने परंपरा के अनुसार आरती उतारकर उनका स्वागत किया। इस दौरान माहौल भावुक हो उठा और दोनों परिवारों के सदस्य पुरानी यादों में खो गए। अकूरन ने भात की रस्म निभाते हुए कपड़े और नकदी भेंट की, जिससे शादी की खुशियां दोगुनी हो गईं।

कार्यक्रम में शामिल सभी लोग रोजे से थे। इसके बावजूद उन्होंने पूरे उत्साह के साथ सभी रस्में निभाईं और दिनभर कुछ भी ग्रहण नहीं किया। शाम को अपने घर पहुंचकर सभी ने रोजा खोला। यह विवाह समारोह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि दोस्ती, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों की अनूठी मिसाल बन गया। गांव के लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रिश्ते समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

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