Chandrashekhar Ravan Politics: बसपा का विकल्प बनेंगे चंद्रशेखर आजाद? दलित वोटबैंक साधने की साधने के लिये शुरू करेंगे सत्ता परिवर्तन यात्रा

Chandrashekhar Azad Politics: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की नजर बसपा के 22% दलित वोटबैंक पर है। आजाद समाज पार्टी 4 जून से बिजनौर से 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' शुरू करने जा रही है।

Shivam Shrivastava
Published on: 31 May 2026 9:09 PM IST (Updated on: 31 May 2026 9:26 PM IST)
Chandrashekhar Ravan Politics: बसपा का विकल्प बनेंगे चंद्रशेखर आजाद? दलित वोटबैंक साधने की साधने के लिये शुरू करेंगे सत्ता परिवर्तन यात्रा
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Chandrashekhar Azad Politics: उत्तर प्रदेश के सियासी अखाड़े में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) अब अपनी जड़ें और गहरी करने की तैयारी में है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने के लिए चार जून से पूरे सूबे में 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' शुरू करने जा रही है। बिजनौर से शुरू होने वाली इस अहम यात्रा की कमान सीधे तौर पर नगीना से नवनिर्वाचित सांसद और पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के हाथों में होगी। सियासत को करीब से समझने वालों का मानना है कि इस यात्रा के बहाने चंद्रशेखर की सीधी नजर बहुजन समाज पार्टी के उस पारंपरिक कैडर वोट बैंक पर है, जो पिछले कुछ समय से धीरे-धीरे दरक रहा है।

इस यात्रा का मुख्य मकसद प्रदेश के दलित, पिछड़े, आदिवासी, किसान, महिलाओं और युवाओं को एक छतरी के नीचे लाना है। नगीना से लोकसभा पहुंचने के बाद चंद्रशेखर का सियासी कद काफी बढ़ा है और इसी उत्साह के साथ वे मान्यवर कांशीराम और डॉ. अंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए दलित वोटों के बिखराव का फायदा उठाना चाहते हैं। इस पूरी कवायद में जनता से जुड़े कई सीधे मुद्दे उठाए जाएंगे। पेपर लीक को गंभीर अपराध की श्रेणी में डालने, कक्षा एक से बारहवीं तक की पढ़ाई एकदम मुफ्त करने, सरकारी महकमों में एससी, एसटी और ओबीसी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के साथ-साथ सूबे में पूर्ण शराबबंदी जैसे वादे लेकर पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव दस्तक देंगे। इसके अलावा महंगाई, सामाजिक असमानता और बेरोजगारी जैसे सवालों पर भी सत्ताधारी दल को घेरने की पूरी रणनीति तैयार की गई है।

यूपी में सत्ता की चाबी काफी हद तक करीब 22 फीसदी वाले दलित मतदाताओं के हाथ में होती है। साल 2012 के बाद से मायावती की बसपा का ग्राफ लगातार गिरा है और हालिया 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी को भारी निराशा हाथ लगी। पिछले विधानसभा चुनाव में भले ही आजाद समाज पार्टी को महज आधे फीसदी के आसपास ही वोट मिले हों, लेकिन अब हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। पश्चिमी यूपी, खासकर नगीना, बिजनौर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर बेल्ट में चंद्रशेखर की पकड़ काफी मजबूत हुई है।

दिलचस्प बात यह है कि कभी मायावती ने भी अपने सियासी सफर की असल उड़ान इसी इलाके से भरी थी। अब अगर चंद्रशेखर अपनी 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' के जरिए पश्चिमी यूपी से बाहर भी अपनी लहर बनाने और बसपा के पुराने समर्थकों का भरोसा जीतने में कामयाब हो जाते हैं, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में वह कई बड़े राजनीतिक समीकरण बिगाड़ सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक जानकारों के मुताबिक चंद्रशेखर के लिए अपनी पार्टी को पश्चिमी यूपी के बाहर एक प्रदेशव्यापी चेहरा देना ही सबसे बड़ा इम्तिहान होगा।

Shivam Shrivastava
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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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