UP News: दिल्ली होटल हादसे के बाद खुद इंची टेप लेकर जाँच पर निकले DG फायर सुजीत पांडेय , CM योगी के कड़े निर्देश के बाद कसा शिकंजा

UP News: दिल्ली होटल अग्निकांड के बाद यूपी सरकार अलर्ट मोड पर है। सीएम योगी के निर्देश पर डीजी फायर सुजीत पांडे खुद इंची टेप लेकर होटल, अस्पताल और बड़े प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी जांच में जुटे। जानिए पूरा मामला।

Ashutosh Tripathi
Published on: 4 Jun 2026 8:30 PM IST (Updated on: 4 Jun 2026 8:37 PM IST)
UP Fire Safety
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UP Fire Safety (Image Credit-Social Media)

Lucknow News: दिल्ली के एक होटल में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए प्रदेश के सभी व्यावसायिक और बहुमंजिला प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जाँच करने के आदेश दिए हैं। सीएम योगी के इस सख्त रुख के बाद डीजी फायर सुजीत पांडेय ने खुद कमान संभाल ली है और अपनी पूरी टीम के साथ जमीन पर उतरकर राजधानी लखनऊ में एक व्यापक चेकिंग अभियान की शुरुआत की है।



सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत परखने उतरे अफसर

डीजी फायर सुजीत पांडेय के नेतृत्व में फायर विभाग की टीम ने लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज और अन्य प्रमुख इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान होटल, अस्पतालों और हाई-राइज अपार्टमेंट (High-Rise Apartments) के फायर फाइटिंग सिस्टम को बारीकी से परखा गया।


गोमती नगर के एक होटल में पहुंचे डीजी फायर ने न सिर्फ अग्निशमन यंत्रों को चेक किया, बल्कि आपातकालीन स्थिति के लिए बनाए गए एंट्री-एग्जिट गेट का भी निरीक्षण किया। सुरक्षा मानकों में कोई कसर न रह जाए, इसके लिए डीजी सुजीत पांडेय ने खुद इंची टेप हाथ में लेकर आपातकालीन सीढ़ियों की चौड़ाई को नापा।


खामियां मिलने पर सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिन भी होटलों में सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाई गईं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। डीजी फायर ने साफ किया कि जनसुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


इस चेकिंग अभियान के दौरान डीजी फायर के साथ चीफ फायर ऑफिसर (CFO) अंकुश मित्तल, स्थानीय थानों की पुलिस और विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे

LDA और हर विभाग करेगा कड़ी जाँच: अब बहुमंजिला इमारतें रडार पर

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद अब यह कार्रवाई सिर्फ फायर ब्रिगेड तक सीमित नहीं रहेगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), जिला प्रशासन, डीजी फायर और बिजली विभाग समेत हर संबंधित विभाग मिलकर इस कड़ी जाँच को आगे बढ़ाएगा।

विशेष रूप से शहर के होटलों और हाई-राइज अपार्टमेंट्स को रडार पर लिया गया है, जहाँ तंग गलियों या बेसमेंट में अवैध निर्माण के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। एनओसी (NOC) के नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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