पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जमानत, पत्नी नूतन की जमानत याचिका खारिज

Amitabh Thakur Bail: सोमवार को जिला जज की अदालत में अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अमिताभ ठाकुर को जमानत देने का आदेश पारित किया है।

Prashant Vinay Dixit
Published on: 19 Jan 2026 7:26 PM IST
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जमानत, पत्नी नूतन की जमानत याचिका खारिज
X

Amitabh Thakur Bail: पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को देवरिया जिला कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन पर पत्नी के नाम से जुड़ी जमीन के मामले में धोखाधड़ी का आरोप था। कोर्ट के आदेश का परवाना मिलते ही उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा। इस मामले में अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया है। अमिताभ ठाकुर की जेल में स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया था।

अमिताभ ठाकुर को जमानत मिली

सोमवार को जिला जज की अदालत में अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने कोर्ट में दलील दी कि यह मामला केवल दस्तावेजी त्रुटियों से जुड़ा है और इसमें किसी प्रकार की आपराधिक मंशा सिद्ध नहीं होती। उन्होंने कहा कि मामला सुनियोजित धोखाधड़ी से नहीं जुड़ा है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने अमिताभ ठाकुर को जमानत देने का आदेश पारित किया है।

नूतन ठाकुर की जमानत खारिज

कोर्ट ने माना कि आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी निरंतर हिरासत आवश्यक नहीं है। नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद उनका अगला कदम उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करना होगा। यह मामला 1999 का है, जब अमिताभ ठाकुर देवरिया में एसपी थे। आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में खरीदे गए प्लॉट की रजिस्ट्री में पत्नी का नाम "नूतन देवी" और पति का नाम "अभिजात" अंकित किया गया। सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाने में मामला दर्ज किया गया।

10 दिसंबर 2025 को गिरफ्तारी

जांच में अमिताभ ठाकुर को आरोपी बनाया गया और 10 दिसंबर 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर देवरिया जेल भेजा गया। उन्हें जेल से रिहाई मिल गई है। यह कानूनी राहत जरूर है, लेकिन मामला अदालत में विचाराधीन रहेगा। अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी और जमानत का मामला राज्य और केंद्र सरकार के लिए संवेदनशील है। उन्होंने अपने आवास पर “जबरिया रिटायर आईपीएस अमिताभ ठाकुर” बोर्ड लगाया हुआ है। रिटायरमेंट 2028 में होने वाला था, लेकिन विभागीय जांचों के चलते उन्हें जबरिया रिटायर कर दिया गया था।

Prashant Vinay Dixit
ABOUT THE AUTHOR

Prashant Vinay Dixit

Prashant Vinay Dixit is a former Reporter at Newstrack.com.

Next Story