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Vishva Bhojpuri Sammelan Dispute: सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी ने सुधाकर तिवारी की नियुक्ति को बताया अवैध
सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी ने कहा है संगठन की सभी इकाइयों के भंग होने की सूचना भ्रामक, विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय महासचिव की नियुक्ति अवैध, साहित्यकार अरुणेश नीरन के निधन के बाद बवाल
Vishva Bhojpuri Sammelan Dispute (Photo_ From Social Media).jpg
Deoria News: उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान विश्व भोजपुरी सम्मेलन (विभोस) के भीतर चल रहे संस्थागत विवाद को उजागर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की इकाइयों को भंग करने की सूचना पूरी तरह भ्रामक है और सुधाकर तिवारी द्वारा की गई घोषणाओं का कोई कानूनी आधार नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय महासचिव की नियुक्ति पर उठा सवाल
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि साहित्यकार अरुणेश नीरन के देहांत के बाद रिक्त हुए अंतरराष्ट्रीय महासचिव के पद पर सुधाकर तिवारी की नियुक्ति (13-09-2025) पूरी तरह असंवैधानिक और अवैधानिक है। इस नियुक्ति के दौरान न तो अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मौजूद थे, न ही राष्ट्रीय स्तर के कोई वरिष्ठ पदाधिकारी। कार्यालय सचिव जगदीश उपाध्याय के दस्तावेजों के अनुसार, तिवारी को केवल 'तदर्थ' (Ad-hoc) रूप से कागजी कोरम पूरा करने के लिए रखा गया था।
तथ्यों को छिपाकर संस्था पर कब्जे का प्रयास
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग तथ्यों को छिपाकर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था को 'पॉकेट की संस्था' बनाने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि 13-04-2026 को देवरिया में हुई बैठक का एजेंडा कुछ और था, लेकिन सुधाकर तिवारी ने पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर मनमाने तरीके से मीडिया में भ्रामक बयान जारी कर दिया।
"जिसकी अपनी नियुक्ति ही अवैध हो, उसके द्वारा जारी किसी भी पत्र या निर्णय की कोई मान्यता नहीं है।" - डॉ. सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी
संगठन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन
डॉ. त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि जो लोग जीवन भर संस्था और नीरन जी के खिलाफ रहे, उन्हें बैठक में बुलाया गया, जबकि देवरिया के स्थानीय सदस्यों और पदाधिकारियों को सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान में पूर्व वरिष्ठ आईएएस सतीश त्रिपाठी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके नेतृत्व में ही संस्था संचालित है।
विभोस की सक्रियता और आगामी कार्रवाई
संस्था की मजबूती का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल 2025 को दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ, जिसमें डॉ. अरुणेश नीरन की मौजूदगी में 11 राज्यों की कमेटियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अजीत दुबे के नाम की घोषणा हुई थी। दिसंबर 2025 में देवरिया में सफल प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया गया। डॉ. सिद्धार्थ ने चेतावनी दी कि नीरन जी के वफादारों को किनारे करने की इस साजिश के खिलाफ राष्ट्रीय अध्यक्ष जल्द ही सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे।


