Etah News: सीएमओ कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

Etah News: एटा में जिलाधिकारी ने सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। पीसीपीएनडीटी एक्ट में सुस्ती और अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए गए।

Sunil Mishra
Published on: 2 Jun 2026 6:52 PM IST
Etah News: सीएमओ कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
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Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की व्यवस्थाओं से लेकर रिकॉर्ड और योजनाओं के क्रियान्वयन तक कई बिंदुओं पर गहन पड़ताल की गई, जिसमें कई कमियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ कार्यालय में सीलन, साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।सबसे ज्यादा नाराजगी पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत संचालित डिकॉय योजना की समीक्षा के दौरान सामने आई। समीक्षा में पता चला कि पिछले कई वर्षों से योजना के तहत कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों और भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नियमित निरीक्षण अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही निष्प्रयोज्य अल्ट्रासाउंड मशीनों के नियमानुसार निस्तारण पर भी जोर दिया।

फार्मासिस्ट कक्ष के निरीक्षण के दौरान दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया से जुड़े अभिलेखों की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता मानकों और शासन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। अभिलेखों को परीक्षण के लिए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराने तथा उप समिति से जांच कराने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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