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मुख़्तार के परिवार में 'सियासी गैंगवॉर'! मोहम्मदाबाद सीट पर भाई-भाई आमने-सामने, टूट जाएगा गढ़? चुनाव से पहले बढ़ी टेंशन
Mukhtar Ansari Family Political Feud: गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट को लेकर अंसारी परिवार के दो भाइयों के बीच खींचतान तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र की पूरी राजनीति गरमा गई है।
Mukhtar Ansari Family Political Feud (photo: social media)
Mukhtar Ansari Family Political Feud: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। माफिया से नेता बने रहे मुख्तार अंसारी के निधन के बाद अब उनके परिवार में सियासी कलह खुलकर सामने आ गई है। गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट को लेकर अंसारी परिवार के दो भाइयों के बीच खींचतान तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र की पूरी राजनीति गरमा गई है।
मन्नू अंसारी पर उनके बड़े भाई सलमान ने लगाए ये बड़े आरोप
मोहम्मदाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक शोएब उर्फ मन्नू अंसारी पर उनके बड़े भाई सलमान अंसारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सलमान अंसारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए बायता कि क्षेत्र में 12,000 रुपये की स्ट्रीट लाइट को 1.5 लाख रुपये में दिखाया गया और बीते 4 सालों से विकास के नाम पर अनियमितताएं हो रही हैं।
सियासी हलकों में ज़बरदस्त हलचल
सलमान अंसारी ने यह भी लिखा कि साल 2022 में जनता से किए गए वादों का जवाब देना अब मुश्किल हो रहा है। उनके इस बयान ने सियासी हलकों में ज़बरदस्त हलचल मचा दी है। लेकिन इन सब के बीच सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों भाई मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्ला अंसारी के बेटे हैं। ऐसे में पारिवारिक विवाद का खुलकर सामने आना राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अफजाल अंसारी पांच बार रह चुके हैं विधायक
मोहम्मदाबाद सीट लंबे वक़्त से अंसारी परिवार का गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट से अफजाल अंसारी पांच बार विधायक रह चुके हैं और सिबगतुल्ला अंसारी भी दो बार विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में शोएब अंसारी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं, अफजाल अंसारी गाजीपुर से सांसद हैं और परिवार की राजनीतिक पकड़ अभी भी क्षेत्र में मजबूत मानी जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह विवाद सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह सकता। बड़ा भाई छोटे की सीट पर दावा ठोकने की तैयारी में हो सकता है। हालांकि, अभी तक शोएब अंसारी की तरफ से इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदेश सरकार पहले ही अपराध और माफिया के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति की बात दोहरा चुकी है। ऐसे में अंसारी परिवार के भीतर बढ़ता विवाद कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी चर्चा का गंभीर विषय बन गया है।
विवाद और भी गहराएगा
बता दे, कभी एक समय में पूर्वांचल में कभी दबदबा रखने वाले इस परिवार में अब सियासी दरार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। सवाल यही है कि क्या यह विवाद केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तक सीमित रहेगा या आगामी दिनों में और गहराएगा? फिलहाल मोहम्मदाबाद की राजनीति में हलचल तेज है और सबकी निगाहें अंसारी परिवार की अगली रणनीति पर टिकी है।


