Gorakhpur News : गोरखपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत सिंह का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस

Gorakhpur News : गोरखपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह का लखनऊ में इलाज के दौरान निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर

Purnima Srivastava
Published on: 2 May 2026 2:26 PM IST
Gorakhpur News : गोरखपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत सिंह का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.अमरकांत सिंह की फाइल फोटो

Gorakhpur News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जिला विधायक निरीक्षक के पद पर तैनात डॉ.अमरकांत सिंह का शनिवार को लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह पिछले दो महीने से हेपेटाइटिस बी से ग्रसित थे। उनके निधन की सूचना पर पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

शनिवार को दिन में 12:00 बजे डॉ० अमरकान्त सिंह का लखनऊ में चिकित्सा के दौरान आकस्मिक निधन होने की सूचना दूरभाष पर गोरखपुर के अधिकारियों को मिली। समूचे शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण स्तब्ध है। उनके निधन की सूचना पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में शोक सभा का आयोजन किया गया। जहां डॉ. अमरकान्त सिंह के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गयी। प्रभारी डीआईओएस अजीत कुमार सिंह ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. सिंह का योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनके आकस्मिक निधन से विभाग को बड़ी क्षति पहुंची है।

वे अपने शांत स्वभाव, प्रशासनिक दक्षता और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों के लिए जाने जाते थे। शोक सभा में लोगों ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर रहते हुए डॉ.अमरकांत बेहतरी को लेकर काम करते रहे। वह शिक्षकों के प्रति संवेदनशील रहे। हालांकि अपनी कार्यशैली को लेकर वह चर्चा में रहे हैं। चार साल पहले लखीमपुर खीरी के DIOS रहते हुए डॉ. अमरकांत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था।

लखनऊ क्रिश्चियन कालेज के प्रोफेसर रवि रोबर्ट लायल ने अणिमा रिसाल सिंह व अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध पर सेंटीनियल हायर सेकेंडरी स्कूल पर कब्जा करने व जमीन बेचने के संबंध में शिकायती पत्र सौंपा था। इस मामले में समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में अमरकांत सिंह पर यह कार्रवाई की गई थी। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. अमरकांत सिंह बेसिक शिक्षा निदेशक प्रयागराज कार्यालय से संबद्ध किया गया था।

आजमगढ़ के रहने वाले थे डॉ.अमरकांत

डॉ.अमरकांत मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले थे। विभगीय जिम्मेदारों के मुताबिक, अभी उनकी तीन साल की सर्विस बची हुई थी। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

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