Hamirpur News: सुहागरात में हुई ये घटना, दुल्हन ने पति संग रहने से किया इनकार, रिश्ता टूटा

Hamirpur News: राठ कस्बे में शादी के बाद सुहागरात पर दुल्हन ने पति संग रहने से किया इनकार, प्रेम संबंध का हवाला देते हुए स्वेच्छा से अलग होने का लिया निर्णय।

Ravindra Singh
Published on: 24 Feb 2026 7:56 PM IST
This incident happened in the honeymoon, the bride refused to stay with the husband, the relationship broke
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सुहागरात में हुई ये घटना, दुल्हन ने पति संग रहने से किया इनकार, रिश्ता टूटा (Photo- Newstrack)

Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद के राठ कस्बे में एक शादी उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब दुल्हन ने सुहागरात पर ही दूल्हे के साथ रहने से इनकार कर दिया। मामला राठ के बुधौलियाना इलाके का है, जहां निवासी धरम पुत्र लालदिवान का विवाह बिलरख गांव की युवती मिथिलेश पुत्री बुद्ध सिंह के साथ शनिवार को संपन्न हुआ था।

रविवार को विधिवत विदाई के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन रात होते-होते स्थिति पूरी तरह बदल गई।



सुहागरात पर दुल्हन ने जताई आपत्ति

बताया गया कि जब दूल्हा धरम सुहागरात के दौरान अपनी नवविवाहिता का घूंघट उठाने लगा, तभी दुल्हन ने आपत्ति जताई। उसने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी और से प्रेम करती है और उसी के साथ रहना चाहती है। दुल्हन के इस बयान से दूल्हा और उसके परिजन स्तब्ध रह गए।

दुल्हन मिथिलेश ने बताया कि वह बचपन से ही अपने मामा-मामी के यहां गोहांड में रह रही थी। उसके अनुसार, परिवार के दबाव में उसकी शादी कराई गई, जबकि वह बिलरख गांव के ही एक युवक से प्रेम करती है।



परिवारों में बढ़ा तनाव, पुलिस तक पहुंचा मामला

घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। मामला बढ़ता देख इसकी सूचना राठ कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।

राठ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों वयस्क हैं और उन्होंने स्वेच्छा से संबंध विच्छेद करने की बात कही है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

सामाजिक चर्चा का विषय बना मामला

यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे पारिवारिक दबाव का परिणाम बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे पारंपरिक विवाह व्यवस्था पर सवाल के रूप में देख रहे हैं।

फिलहाल मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है, लेकिन यह घटना एक बार फिर विवाह जैसे सामाजिक संस्थान में पारदर्शिता और सहमति के महत्व को रेखांकित करती है।

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