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Hapur News: दहेज उत्पीड़न: ‘पागल-बदसूरत’ कह पत्नी को छोड़ा, बच्चों संग दर-दर भटकने को मजबूर
Hapur News: 14 साल की शादी के बाद भी नहीं मिला सम्मान, पति पर पत्नी को बदनाम कर छोड़ने का आरोप। तीन बच्चों संग पीड़िता दर-दर भटकने को मजबूर, केस दर्ज।
Hapur News: हापुड़ जिले से एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। कोतवाली नगर क्षेत्र की रहने वाली एक विवाहिता ने अपने ही ससुराल पक्ष पर न केवल दहेज के लिए प्रताड़ित करने बल्कि उसे “पागल” और “बदसूरत” कहकर छोड़ देने की साजिश रचने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता अपने तीन मासूम बच्चों के साथ न्याय की गुहार लगा रही है।
14 साल पुरानी शादी, लेकिन कभी नहीं मिला सम्मान
पीड़िता अंजू के मुताबिक, उसकी शादी करीब 14 वर्ष पहले मेरठ जनपद के थाना मुंडाली क्षेत्र के गांव अजराड़ा निवासी सोनू के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों से ही ससुराल पक्ष के लोगों का रवैया उसके प्रति बेहद कठोर और अमानवीय रहा।अंजू का आरोप है कि पति सोनू, सास मुन्नी, ससुर धर्मपाल और ननदें नवीता, पारो व एक अन्य परिजन लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। कम दहेज लाने की बात कहकर आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करना उनकी दिनचर्या बन गई थी।
तीन बच्चों की मां, फिर भी नहीं बदली ससुराल की सोच
समय बीतता गया और अंजू ने तीन बच्चों—देव (13), साक्षी (12) और अंश (10)—को जन्म दिया। लेकिन बच्चों के जन्म के बाद भी ससुराल पक्ष का रवैया जरा भी नहीं बदला।
पीड़िता का कहना है कि कई बार उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया, जिससे उसे महीनों तक मायके में शरण लेनी पड़ी। लगातार अत्याचार झेलने के कारण उसकी मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ा है।
“पागल और बदसूरत” कहकर तोड़ना चाहते हैं रिश्ता
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पीड़िता के अनुसार, उसका पति उसे “पागल” और “बदसूरत” कहकर समाज में बदनाम कर रहा है और इसी आधार पर उसे छोड़ना चाहता है। इतना ही नहीं, पति ने पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी से भी पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है और उन्हें किसी प्रकार का खर्च तक नहीं देता।
बीमार मां का सहारा, खुद भी टूटी हुई
अंजू ने बताया कि उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और मायके में केवल उसकी वृद्ध व बीमार मां हैं। ऐसे में वह खुद तीन बच्चों के पालन-पोषण के साथ-साथ मां की देखभाल की जिम्मेदारी भी उठा रही है।
करीब एक माह पहले ससुराल पक्ष द्वारा फिर से मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया, जिसके बाद से वह मायके में ही रह रही है।
समाज से लेकर पुलिस तक लगाई गुहार
पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार समाज के लोगों और रिश्तेदारों के माध्यम से ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। अंततः उसने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई।
एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
एसपी ज्ञानंजय सिंह के निर्देश पर महिला थाना पुलिस ने पति समेत छह नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


