Hardoi News: कछुआ तालाब के संरक्षण को लेकर गंभीर दिखे डीएम, सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण के निर्देश

Hardoi News: निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब में फैली गंदगी और जलकुंभी पर चिंता जताते हुए व्यापक सफाई, सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

Pulkit Sharma
Published on: 2 Jun 2026 5:06 PM IST
Hardoi News: कछुआ तालाब के संरक्षण को लेकर गंभीर दिखे डीएम, सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण के निर्देश
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Hardoi News: हरदोई जिले की प्राकृतिक धरोहरों और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा ने बुधवार को बिलग्राम तहसील क्षेत्र के ककराखेड़ा गांव स्थित प्रसिद्ध कछुआ तालाब का निरीक्षण कर वहां की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। निरीण के दौरान तालाब में फैली गंदगी, जलकुंभी और जलीय जीवों के आवास पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को लेकर उन्होंने चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि तालाब के विभिन्न हिस्सों में प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट सामग्री जमा है, जिससे जल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। तालाब में रहने वाले कछुओं समेत अन्य जलीय जीवों के लिए यह स्थिति नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब की व्यापक सफाई कराई जाए तथा जलकुंभी और अन्य अवांछित वनस्पतियों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

तालाब की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पर्यावरणीय महत्व और वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की

जिलाधिकारी ने कहा कि कछुआ तालाब केवल जलाशय नहीं बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने तालाब के किनारों को व्यवस्थित करने, आसपास उगी झाड़ियों की सफाई कराने और जल की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान तालाब की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पर्यावरणीय महत्व और वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों से तालाब में जल प्रदूषण के संभावित कारणों, नालियों के बहाव, ठोस कचरे के निस्तारण, जलकुंभी के बढ़ते प्रभाव और अतिक्रमण जैसी समस्याओं का विस्तृत आकलन करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब के संरक्षण के लिए समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।जिलाधिकारी ने तालाब तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर बनाने के लिए सड़क पर इंटरलॉकिंग कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही संबंधित विभागों को तालाब के सौंदर्यीकरण की विस्तृत डिजाइन और कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, ताकि इस प्राकृतिक धरोहर को पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से विकसित किया जा सके।इस अवसर पर सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारी, उपजिलाधिकारी बिलग्राम, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, सूचना विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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