TRENDING TAGS :
Hardoi News: रेलवे के विकास कार्यों पर सवाल, नई इमारत के प्लास्टर में दिखीं चटकनें
Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। नई इमारत के प्लास्टर में दरारें दिखने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
Hardoi News
Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच चर्चा है कि सांसद द्वारा किए गए निरीक्षण और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। कई स्थानों पर निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।जानकारों का कहना है कि स्टेशन परिसर में चल रहे कुछ निर्माण कार्यों में मानकों के पालन को लेकर पहले भी आपत्तियां उठ चुकी हैं।
आरोप है कि निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री के अनुपात को लेकर सवाल बने हुए हैं। हालांकि निरीक्षण के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा कुछ सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्य की गुणवत्ता को लेकर संदेह पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।गौरतलब है कि सांसद के निरीक्षण के दौरान अमृत भारत योजना के अंतर्गत निर्मित मालगोदाम भवन में दरारें आने की शिकायत भी सामने आई थी। उस समय अधिकारियों ने समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया था और बाद में आवश्यक मरम्मत कार्य कराया गया। लेकिन अब स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन नई इमारतों के प्लास्टर में शुरुआती स्तर पर ही दरारें दिखाई देने की चर्चा शुरू हो गई है। इससे निर्माण की मजबूती और दीर्घकालिक गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों का रटा रटाया जवाब कार्य मानक के अनुरूप हो रहा है
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहा है तो फिर शुरुआती चरण में ही ऐसी कमियां क्यों दिखाई दे रही हैं। वहीं रेलवे अधिकारियों का पक्ष है कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराए जा रहे हैं और गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है।
सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार शिकायतें और सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उनकी आपत्तियों का जवाब अक्सर यह कहकर दिया जाता है कि कार्य मानक के अनुरूप हो रहा है, जबकि जमीनी स्थिति कुछ और कहानी बयां करती नजर आती है।अब लोगों की निगाहें रेलवे प्रशासन और उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं। आमजन यह जानना चाहते हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं। साथ ही यह भी अपेक्षा की जा रही है कि यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विश्वास बना रहे।


