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Hardoi News: कागजों में हरियाली, जमीन पर सूखे पौधे; हरदोई स्टेशन पर पर्यावरण अभियान पर उठे सवाल
Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर हर साल पौधारोपण के दावे होते हैं, लेकिन देखभाल के अभाव में अधिकांश पौधे सूख जाते हैं, जिससे पर्यावरण अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
कागजों में हरियाली, जमीन पर सूखे पौधे; हरदोई स्टेशन पर पर्यावरण अभियान पर उठे सवाल (Photo- Newstrack)
Hardoi News: हरदोई। विश्व पर्यावरण दिवस और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भारतीय रेलवे समय-समय पर बड़े अभियान चलाती है। रेलवे परिसरों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और हर वर्ष सैकड़ों पौधे लगाए जाने के दावे भी किए जाते हैं। लेकिन हरदोई रेलवे स्टेशन की स्थिति इन दावों पर कई सवाल खड़े कर रही है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, मगर कुछ समय बाद उनका अस्तित्व ही दिखाई नहीं देता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा पौधारोपण तो किया जाता है, लेकिन इसके बाद उनकी देखभाल की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। पौधे लगाने के दौरान फोटो खिंचवाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी जाती हैं, लेकिन बाद में इन पौधों को पानी देने, सुरक्षा प्रदान करने और उनकी नियमित निगरानी करने की जिम्मेदारी जैसे भूल ही जाती है।
नतीजा यह होता है कि अधिकांश पौधे कुछ ही महीनों में सूख जाते हैं।हरदोई रेलवे स्टेशन पर बीते वर्षों में नीम, पीपल, बरगद, आम और अन्य छायादार व पर्यावरण के लिए लाभकारी पौधों का रोपण किया गया था। लेकिन वर्तमान में ऐसे पौधे बहुत कम दिखाई देते हैं। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर लगाए गए पौधे कहां गए और उनकी देखभाल क्यों नहीं की गई।
पेड़ों को हटाया गया, उनके बदले पर्याप्त संख्या में नए पौधे नहीं लगाए गए
वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के दौरान कई पुराने पेड़ों को काटा गया तथा कुछ की छंटाई भी की गई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिन पेड़ों को हटाया गया, उनके बदले पर्याप्त संख्या में नए पौधे नहीं लगाए गए। इससे स्टेशन परिसर में हरियाली का दायरा लगातार सिमटता नजर आ रहा है।पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।
यदि पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल सुनिश्चित नहीं की जाती तो ऐसे अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि पौधारोपण अभियानों की नियमित समीक्षा की जाए और लगाए गए पौधों की सुरक्षा व देखभाल की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर भी हरियाली दिखाई दे सके।


