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Jaunpur: डेंटल सर्जन के साथ कथित उत्पीड़न मामला, पुलिस कार्रवाई के खिलाफ डीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
Jaunpur News: जौनपुर के तेजीबाजार थाना क्षेत्र में एक डेंटल सर्जन के साथ कथित उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित के समर्थन में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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Jaunpur News: जनपद जौनपुर के थाना तेजीबाजार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हैदरपुर निवासी डॉ. प्रभात विक्रम सिंह (बी.डी.एस., डेंटल सर्जन), जो शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जमींदार सिंह के पौत्र एवं क्षेत्र के एक सम्मानित, शिक्षित तथा शांतिप्रिय नागरिक हैं, के साथ थाना तेजीबाजार में हुई कथित अभद्रता एवं उत्पीड़न की घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 मई 2026 को डॉ. प्रभात विक्रम सिंह अपनी पैतृक भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को रोकने एवं न्याय की मांग को लेकर थाना तेजीबाजार में प्रार्थना पत्र देने पहुंचे थे। आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय थाना प्रभारी सत्येंद्र भाई पटेल द्वारा उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। कथित रूप से उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया, जूते एवं बेल्ट उतरवाए गए तथा उन्हें लगभग तीन घंटे तक लॉकअप में जमीन पर बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके बाद धारा 151 के अंतर्गत उनका चालान कर उन्हें जौनपुर भेज दिया गया।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर थाने जाता है और उसे न्याय मिलने के बजाय अपमान, प्रताड़ना और दमन का सामना करना पड़ता है, तो यह कानून के राज और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। एक सम्मानित चिकित्सक के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल व्यक्तिगत गरिमा का हनन है, बल्कि पूरे समाज को भयभीत करने वाला संदेश भी देता है।घटना के विरोध में डॉ. प्रभात विक्रम सिंह के समर्थन में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी, जौनपुर से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा थाना प्रभारी सत्येंद्र भाई पटेल की भूमिका की जांच करते हुए उनके विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि एक स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से आने वाले सम्मानित चिकित्सक के साथ इस प्रकार का व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिक की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। पुलिस का कार्य नागरिकों को सुरक्षा और न्याय देना है, न कि शिकायतकर्ता को ही प्रताड़ित करना।जिलाधिकारी महोदय से मांग की गई कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित को न्याय दिलाया जाए। यदि निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन पर भी विचार किया जाएगा।इस अवसर पर डॉ. गौरव मौर्या (प्रेसिडेंट, IDA), डॉ. रजनीश द्विवेदी, डॉ. संजीव पाण्डेय, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. मोईन खान, डॉ. हर्ष, डॉ. दीपक विश्वकर्मा सहित दर्जनों डॉक्टर उपस्थित रहे।


